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अमेरिकी टैरिफ से पहले बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 849 अंक गोता लगाकर बंद, निफ्टी भी चित, ये स्टॉक्स टूटे

 Published : Aug 26, 2025 04:38 pm IST,  Updated : Aug 26, 2025 04:38 pm IST

अमेरिका ने एक ड्राफ्ट नोटिस जारी किया है, जिसमें 27 अगस्त 2025 से भारतीय सामानों पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लागू करने की बात कही गई है। आज के कारोबार में बैंकिंग, ऑटो, रियल एस्टेट और मेटल सेक्टर पर सबसे अधिक दबाव देखने को मिला।

मुंबई स्थित शेयर बाजार के बाहर मौजूद लोग।- India TV Hindi
मुंबई स्थित शेयर बाजार के बाहर मौजूद लोग। Image Source : PTI

भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को कारोबार के आखिर में जोरदार गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त 25% आयात शुल्क लागू करने की घोषणा के बाद निवेशकों में बेचैनी देखी गई, जिससे बाजार में व्यापक बिकवाली का माहौल बना। बीएसई सेंसेक्स 849.37 अंक या 1.04% गिरकर 80,786.54 पर बंद हुआ, जबकि दिन के दौरान यह 949.93 अंक लुढ़ककर 80,685.98 के निचले स्तर तक चला गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 255.70 अंक या 1.02% फिसलकर 24,712.05 पर बंद हुआ। पीटीआई की खबर के मुताबिक, कारोबार के दौरान निफ्टी ने 24,689.60 का दिन का न्यूनतम स्तर छुआ।

किन शेयरों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर?

बाजार में गिरावट के दौरान बैंकिंग, ऑटो, रियल एस्टेट और मेटल सेक्टर पर सबसे अधिक दबाव देखने को मिला। घाटे में रहने वाले प्रमुख शेयरों में- सन फार्मा, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, एलएंडटी, टाइटन, ट्रेंट और बीईएल रहे। कुछ शेयरों में मजबूती दिखी, जिनमें हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी, आईटीसी, टीसीएस, अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल रहे।

अमेरिकी टैरिफ की चोट

अमेरिका ने एक ड्राफ्ट नोटिस जारी किया है, जिसमें 27 अगस्त 2025 से भारतीय सामानों पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लागू करने की बात कही गई है। यह टैरिफ उन उत्पादों पर लगेगा जो 27 अगस्त को या उसके बाद अमेरिका में उपभोग के लिए प्रवेश करेंगे या गोदामों से निकाले जाएंगे। अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के अनुसार, यह कदम रूस से उत्पन्न सुरक्षा खतरों के खिलाफ रणनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में लिया गया है, जिसमें भारत को भी प्रभावित किया गया है।

वैश्विक संकेत भी रहे कमजोर

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी का रुख देखा गया। हांगकांग (हैंग सेंग), जापान (निक्केई 225), दक्षिण कोरिया (कोस्पी), चीन (शंघाई कंपोजिट) सभी लाल निशान में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में भी गिरावट का दौर जारी है, जबकि अमेरिकी बाजार सोमवार को कमजोरी के साथ बंद हुए। उधर, कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 1.48% टूटकर 67.78 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली

एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) ने सोमवार को लगभग ₹2,466.24 करोड़ की इक्विटी बिकवाली की, जिससे घरेलू बाजारों पर और दबाव बढ़ गया। गौरतलब है कि सोमवार को बाजार में तेजी देखी गई थी, जब सेंसेक्स 329 अंक चढ़कर 81,635.91 और निफ्टी 97.65 अंक बढ़कर 24,967.75 पर बंद हुआ था।

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