देश की जानी-मानी टू-व्हीलर कंपनी टीवीएस मोटर (TVS Motor) ने एक बड़ा कारोबारी कदम उठाते हुए शहरी मोबिलिटी स्टार्टअप रैपिडो (Rapido) में अपनी हिस्सेदारी बेच दी है। इस डील से कंपनी को करीब 288 करोड़ रुपये की बड़ी रकम हासिल होगी। अब रैपिडो में एक्सेल India और डच निवेशक प्रोसस नए इन्वेस्टर्स के तौर पर एंट्री लेने जा रहे हैं। इस खबर के बाद स्टार्टअप वर्ल्ड में हलचल मच गई है।
₹288 करोड़ की बड़ी डील
टीवीएस मोटर ने गुरुवार को स्टॉक एक्सचेंज में फाइलिंग करते हुए जानकारी दी कि वह रैपिडो में अपनी हिस्सेदारी दो नए निवेशकों को बेच रही है। एक्सेल और प्रोसस दोनों ही रैपिडो के शेयर ₹144-₹144 करोड़ में खरीद रहे हैं। यानी कुल मिलाकर ये डील 288 करोड़ रुपये की है। टीवीएस ने रैपिडो में पहली बार 2022 में निवेश किया था, जब कंपनी ने स्विगी द्वारा लीड किए गए 180 मिलियन डॉलर राउंड में हिस्सा लिया था। उस वक्त रैपिडो भारत के तेजी से बढ़ते शहरी मोबिलिटी प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुका था, जो बाइक टैक्सी और ऑटो सेवाएं प्रदान करता है।
स्विगी भी बेच रहा है अपनी हिस्सेदारी
दिलचस्प बात यह है कि रैपिडो में 12% हिस्सेदारी रखने वाली स्विगी भी अपनी शेयर हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। स्विगी अपनी हिस्सेदारी प्रोसस और वेस्टब्रिज कैपिटल को बेचने जा रही है। इस डील से स्विगी को करीब 2400 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, हालांकि यह डील अभी रेगुलेटरी अप्रूवल्स का इंतजार कर रही है। स्विगी ने यह फैसला कंफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट के चलते लिया है, क्योंकि रैपिडो ने हाल ही में Ownly नाम से अपनी फूड डिलीवरी सर्विस शुरू की है, जो सीधे स्विगी की राइवल मानी जा रही है।
रैपिडो के लिए नया दौर शुरू
जानकारी के अनुसार, रैपिडो जल्द ही 550 मिलियन डॉलर का नया फंडिंग राउंड बंद करने की तैयारी में है, जिसका नेतृत्व प्रोसस करेगा। इसमें लगभग 300 मिलियन डॉलर की नई कैपिटल जुटाई जाएगी। यह डील इस साल भारत के सबसे बड़े स्टार्टअप इन्वेस्टमेंट्स में से एक होगी। इस कदम के साथ रैपिडो अब अपने राइड-हेलिंग बिजनेस को और मजबूत करने के साथ-साथ अपने नए फूड डिलीवरी सेगमेंट को तेजी से विस्तार देने पर फोकस करेगा। वहीं, टीवीएस मोटर इस एग्जिट से मिले फंड को अपनी ईवी स्ट्रैटेजी और ग्लोबल ऑपरेशंस को और आगे बढ़ाने में इस्तेमाल कर सकती है।



































