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मल्टी एसेट फंड में निवेश करने का समय, शेयर मार्केट की उठापटक से रहेंगे महफूज

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Nov 17, 2023 01:11 pm IST,  Updated : Nov 17, 2023 01:11 pm IST

इजरायल हमास के बीच चल रहे संघर्ष के जल्द समाप्त होने का कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और यदि कमोडिटी की कीमतें बढ़ती रहती हैं, तो सोने की भी कीमतें बढ़ जाएंगी। इसलिए निवेशकों को शॉर्ट टर्म स्टेबिलिटी के साथ-साथ लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न के लिए अच्छे एसेट फंड में निवेश करना चाहिए।

Mutual Fund - India TV Hindi
म्यूचुअल फंड Image Source : FILE

साल 2023 खत्म होने को है लेकिन शेयर बाजार में उठापटक खत्म नहीं हो रहा है। अगले महीने पांच राज्यों में हो रहे चुनाव के नतीजे आएंगे। उसका असर भी बाजार पर देखने को मिलेगा। ऐसे में अगर आप म्यूचुअल फंड के जरिये शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं तो मल्टी एसेट फंड का चुनाव कर स्टॉक मार्केट के उठापटक से महफूज रह सकते हैं। मल्टी एसेट एलोकेशन फंड हाइब्रिड फंड होते हैं जो इक्विटी, डेट, कमोडिटी आदि जैसे कम से कम तीन एसेट क्लासों में निवेश करते हैं। सेबी का आदेश है कि मल्टी एसेट फंड को हर समय तीन या अधिक एसेट क्लासेज में से प्रत्येक में अपने कुल एयूएम का न्यूनतम 10% निवेश करना होगा। मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स के संभावित लाभों को अधिकतम करने में आपकी मदद करने के लिए, उनके पास एसेट क्लासेज में बड़ा और निश्चित आवंटन होना चाहिए।

निवेशक का रुझान तेजी से बढ़ा 

आपको बता दें कि सितंबर 2023 में मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स से इनफ्लो 6,324 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो अगस्त के इनफ्लो से 4,707 करोड़ रुपये अधिक था। सेबी के आदेश के अनुसार, एक फंड मैनेजर डेट और कमोडिटी में से प्रत्येक में 10% निवेश कर सकता है और शेष 80% इक्विटी में निवेश कर सकता है। अगर इक्विटी बाजार में गिरावट आती है, तो निवेशकों को नुकसान होगा क्योंकि डेट और कमोडिटी के लिए आवंटन केवल 10% है और यदि अनुपात बड़ा और निश्चित नहीं है तो उन्हें वास्तव में एसेट क्लासेज के बीच कम आपसी संबंध का लाभ नहीं मिलता है।

पिछले एक साल में 19 फीसदी का रिटर्न

ल्टी एसेट फंड का एक उदाहरण निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट फंड है। इस फंड ने ​अपने निवेशकों को पिछले एक साल में 19 फीसदी का रिटर्न दिया है। यह फंड 4 एसेट क्लास में निवेश करता है- इंडियन इक्विटीज (50%), ओवरसीज इक्विटीज (20%), कमोडिटीज (15%) और डेट में (15%) निवेश करता है। चार एसेट क्लास में इन्वेस्टमेंट करने का यह स्टाइल इसकी स्थापना के बाद से कभी भी नहीं बदला है और ना ही बदलेगा। इसलिए निवेशकों को इस मल्टी एसेट फंड से सही लाभ मिलता है। इसके अलावा भी क्वांट मल्टी एसेट फंड- डायरेक्ट प्लान-ग्रोथ, यूटीआई मल्टी एसेट एलोकेशन फंड-डायरेक्ट प्लान - ग्रोथ, एचडीएफसी मल्टी-एसेट फंड- डायरेक्ट प्लान-ग्रोथ समेत कई मल्टी एसेट फंड अच्छा रिटर्न दे रहे हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि यदि कोई फंड हाउस एक निश्चित आवंटन रणनीति का पालन करता है, तो निवेशकों को अमूमन हमेशा लाभ होता है।

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