सरकार की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों में दलहन फसलों के रकबे में जोरदार तेजी दर्ज की गई है। आंकड़ों से संकेत मिल रहा है कि मौजूदा रबी सीजन स्थिर और संतोषजनक तरीके से प्रगति कर रहा है।
पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह गन्ने को पानी-गहन फसलों के एक व्यवहारिक विकल्प के रूप में बढ़ावा दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की पहचान हमेशा किसानों के हितों की रक्षा करने और उन्हें सर्वोच्च मूल्य देने की रही है।
कृषि सचिव ने कहा कि ऐसा होने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। हॉस्पिटैलिटी उद्योग को भारतीय खाने की असल पहचान GI टैग वाले उत्पादों को अपने मेन्यू में बढ़ावा देना चाहिए।
सरकार के इस बड़े फैसले से देश के करोड़ों किसानों का काफी लाभ होगा और उन्हें काफी बचत होगी। यहां हम उन कृषि उपकरणों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी खरीद पर 22 सितंबर से भारी बचत होगी।
राज्यों के सहयोग से केंद्र कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों सहित अन्य की 2,000 टीमें बनाएगा। हर टीम की जिला स्तर पर हर दिन तीन बैठकें होंगी।
समिति ने सरकार और राज्य सरकारों से धन जारी करने में देरी और नुकसान के लिए अपर्याप्त मुआवजे जैसे मुद्दों को जल्द से जल्द हल करने के लिए कहा है।
साल 2016 में लॉन्च किया गया, ई-एनएएम एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है, जो कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) मंडियों को जोड़ता है, ताकि कृषि वस्तुओं के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार बनाया जा सके।
सरकार की तरफ से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीद, तकनीकी समाधानों को बढ़ावा देने, कृषि विज्ञान केंद्रों को मजबूत करने, प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने की कोशिशें लगातार जारी हैं।
भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है, क्योंकि अप्रैल-जून तिमाही में चीन की जीडीपी वृद्धि 4.7 प्रतिशत रही।
मई 2024 में देश के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि मात्रात्मक रूप से, पूरे देश में दक्षिण पश्चिम मानसून मौसमी वर्षा ±4 प्रतिशत की मॉडल त्रुटि के साथ लंबी अवधि के औसत (एलपीए) का 106 प्रतिशत होने की संभावना है।
मोदी ने कहा कि पिछली बार जब भारत ने इस सम्मेलन की मेजबानी की थी, तब उसे आजादी मिले ज्यादा समय नहीं हुआ था और वह दौर देश में कृषि एवं खाद्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण दौर था।
अभी भारत का कृषि निर्यात 50 अरब डॉलर का है। इसके 2030 तक डबल होकर 100 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। इंडसफूड मेला दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी खाद्य और पेय प्रदर्शनी है।
उत्तर प्रदेश के किसान इस समय खास तरह के काले गेहूं की पैदावार कर रहे हैं, इसकी कीमत उन्हें आम गेहूं से 5 गुनी मिल रही है, वहीं लोग भी इसके गुणों के चलते खूब अपना रहे हैं।
Investors attitude Agrifoodtech startups: इन दिनों स्टार्टअप कंपनियों में काफी अप एंड डाउन देखने को मिल रहा है। जिस तेजी से कोरोना के बाद कंपनियों को फंडिंग मिल रही थी अब उसपर ब्रेक लगना शुरू हो गया है।
तोमर ने कहा कि निर्यात-आयात के लिए कीटनाशकों के पंजीकरण और प्रलेखन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए दो नए पोर्टल शुरू किए गए हैं।
एक साल पहले समान अवधि में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का निर्यात 15.97 अरब डॉलर रहा था।
कृषि मंत्रालय ने कहा कि देश में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे से निपटने के लिए राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (एनएमएसए) चल रहा है जो जलवायु परिवर्तन संबंधी राष्ट्रीय कार्ययोजना का एक अंग है।
देशों ने कृषि को अधिक स्थायी और कम प्रदूषणकारी बनने के लिए अपनी कृषि नीतियों को बदलने और सतत कृषि तथा जलवायु परिवर्तन से खाद्य आपूर्ति की रक्षा के लिए आवश्यक विज्ञान (प्रोद्यौगिकी) में निवेश करने के लिए नई प्रतिबद्धताएं निर्धारित कीं।
एनएसओ ने जनवरी-दिसंबर 2019 के दौरान देश के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार की भूमि और पशुधन के अलावा कृषि परिवारों की स्थिति का आकलन किया। सर्वे के अनुसार कृषि वर्ष 2018-19 (जुलाई-जून) के दौरान प्रति कृषि परिवार की औसत मासिक आय 10,218 रुपये थी।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि ‘रेंट4फार्म’ किसानों को प्रतिस्पर्धी दरों पर उच्च गुणवत्ता वाली मशीनरी और उपकरण किराए पर लेने में मदद करेगा।
लेटेस्ट न्यूज़