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यूरोपिय यूनियन और भारत के बीच होने जा रहा यह समझौता चार सालों में भारत का नौवां फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA होगा, जो ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और दूसरे देशों के साथ हुए कई समझौतों के बाद होने जा रहा है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर आज भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने में जबरदस्त भूमिका निभा रहा है। इसने राह आसान और तेज कर दिए हैं। पूरी दुनिया में भारत के डिजिटल प्लेटफॉर्म की चर्चा होती है।
ऑनलाइन शॉपिंग का दौर है और हर दूसरा ऑफर “No Cost EMI” के नाम पर ग्राहकों को लुभा रहा है। लेकिन जिस No Cost EMI को आम आदमी अपनी जेब के लिए राहत समझता है, वही कई बार धीरे-धीरे उसे आर्थिक दबाव में डाल देती है। हकीकत यह है कि शून्य ब्याज का यह दावा पूरी तरह सच नहीं होता।
दिल्ली में अपने घर का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी है। बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों और महंगे होम लोन के दौर में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक ऐसी आवास योजना पेश की है, जो मिडिल क्लास और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।
बजट 2026 को लेकर आम जनता की उम्मीदें बढ़ गई हैं। खासकर मिडिल क्लास और छोटे परिवारों की नजर इस बार ऐसे कदमों पर टिकी है जो उनकी जेब पर सीधे असर डालें। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बजट में आम आदमी के रोजमर्रा के खर्चों में भी राहत के संकेत हैं।
विदेशी निवेशकों की गतिविधियों ने बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। आंकड़े बता रहे हैं कि जनवरी में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से जमकर पैसा निकाला, जिससे इक्विटी बाजार पर साफ दबाव बना और निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
बीते एक हफ्ते में सोना और चांदी दोनों ने ऐसी उड़ान भरी है कि निवेशक ही नहीं, आम खरीदार भी हैरान रह गए हैं। शादी-ब्याह और निवेश के लिहाज से अहम माने जाने वाले सोने ने वीकली बेसिस पर रिकॉर्डतोड़ तेजी दिखाई है, वहीं चांदी भी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ती नजर आ रही है।
कमजोर वैश्विक संकेतों और घरेलू स्तर पर बिकवाली के दबाव के चलते सेंसेक्स में बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिसका सीधा असर देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों पर पड़ा। नतीजा यह रहा कि सेंसेक्स की टॉप-10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹2.51 लाख करोड़ से ज्यादा घट गया।
शेयर बाजार में जब हर तरफ उतार-चढ़ाव और गिरावट का माहौल हो, तब कुछ चुनिंदा स्टॉक्स ऐसे भी होते हैं जो निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। बीते शुक्रवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला स्मॉल-कैप EV कंपनी के शेयर में, जिसने कमजोर बाजार के बावजूद दमदार तेजी दिखाकर निवेशकों को चौंका दिया।
सपनों की नगरी मुंबई में जहां एक छोटा सा घर खरीदना आम आदमी के लिए बड़ी जंग बन चुका है, वहीं हर महीने का मेंटेनेंस चार्ज भी जेब पर भारी पड़ता है। खासकर साउथ मुंबई जैसे इलाकों में मेंटेनेंस के नाम पर हजारों रुपये खर्च करना आम बात है। लेकिन इस एक हाउसिंग सोसाइटी ने पूरी सोच को पलट दिया है।
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