यह समस्या अब सिर्फ व्यक्तिगत स्तर की नहीं रही। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता से जुड़ी हुई है। समय आ गया है कि सरकार और इंडस्ट्री मिलकर इसे प्राथमिकता दें। बजट में सरकार इसके लिए कुछ खास प्रावधान की घोषणा करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2026-27 का बजट स्वास्थ्य क्षेत्र की मौजूद चुनौतियों और भविष्य के अवसरों को ध्यान में रखते हुए भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत स्वास्थ्य हब बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक मांग यह भी है कि एक कुशलता से काम करने वाला इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर सिस्टम बनाने के लिए, जिला अस्पतालों को मजबूत किया जाना चाहिए।
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