ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में हर साल तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिसकी वजह से तत्काल कोटे में भी कन्फर्म सीट मिलना काफी मुश्किल हो गया है।
1 अक्टूबर, 2025 से, किसी भी ट्रेन के लिए ऑनलाइन बुकिंग खुलने के बाद शुरुआती 15 मिनट के दौरान सिर्फ आधार-प्रमाणित यूजर्स को ही IRCTC वेबसाइट या ऐप के माध्यम से सामान्य आरक्षण बुक करने की अनुमति होगी।
रेलवन मोबाइल ऐप पर आप किसी भी ट्रेन में रिजर्व टिकट के साथ-साथ जनरल क्लास के लिए अनरिजर्व टिकट भी बुक कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इस ऐप पर आप प्लेटफॉर्म टिकट भी बुक कर सकते हैं।
भारतीय रेल अपने रेवेन्यू पर फोकस करते हुए किराये में बढ़ोतरी भी करने जा रही है। ये सभी बदलाव जुलाई से लागू हो जाएंगे। आइए जानते हैं।
IRCTC ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में टिकटिंग बिजनेस में 306.93 करोड़ रुपये का प्रॉफिट अर्जित किया।
स्वरेल ऐप पर यात्रियों को उनकी ट्रेन ही नहीं बल्कि पूरी यात्रा से जुड़ी सभी सुविधाएं आसानी से मिल जाएंगी।
45 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगों के लिए भी नीचे की कई सीटें रिजर्व रखी जाती हैं। रेल मंत्री ने कहा कि अगर ये खास वर्ग के लोग ऑनलाइन टिकट बुक करते समय लोअर बर्थ का ऑप्शन नहीं भी चुनते हैं तो उन्हें रेलवे का सिस्टम अपने आप ही लोअर बर्थ अलॉट कर देता है।
आप अपने मोबाइल फोन पर अनरिजर्व्ड टिकट भी बुक कर सकते हैं। भारतीय रेल ने जनरल क्लास में सफर करने के लिए UTS मोबाइल ऐप लॉन्च किया था। इस ऐप के जरिए आप जनरल क्लास का पेपरलेस टिकट खरीद सकते हैं। ये टिकट आपके ऐप में ही रहता है और टीटीई के आने पर आप इसे दिखा सकते हैं।
आपने भी कभी न कभी अपने लिए ऑनलाइन टिकट जरूर बुक की होगी। ऑनलाइन टिकट बुक कराते समय आपने एक बात नोट की होगी कि ये, काउंटर टिकट की तुलना में महंगी होती है। बताते चलें कि सिर्फ IRCTC के जरिए ही ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक की जा सकती है।
ट्रेन में टिकट बुक करते समय रेलवे का सिस्टम ऑटोमैटिकली बर्थ मुहैया कराता है। ट्रेन में सफर के दौरान आपको भी कई बार मिडल बर्थ मिली होगी। लेकिन क्या आप मिडल बर्थ से जुड़े नियमों को जानते हैं। अगर आप ये नियम नहीं जानते हैं तो आपको इसके बारे में सभी जानकारी होना बहुत जरूरी है। वरना आप मुसीबत में भी पड़ सकते हैं।
आईआरसीटीसी के मुताबिक, 10 लाख रुपये का ये इंश्योरेंस कवर सिर्फ उन यात्रियों को मिलता है जो आईआरसीटीसी के जरिए ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं। स्कीम के तहत सिर्फ कंफर्म, आरएसी, पार्शियल कंफर्म टिकट पर ही इंश्योरेंस कवर मिलता है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ये सुविधा उपलब्ध नहीं है।
खाली सीट का पता लगते ही तुरंत टीटीई से मिलें और किराया देकर सीट बुक करा लें। इस सीट के लिए टीटीई आपको मैनुअल टिकट बनाकर देगा, जिसके साथ आप अपनी यात्रा पूरी कर सकते हैं।
आज भारत में ऐसी कई कंपनियां हैं, जो अपने मोबाइल ऐप पर ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करने की सुविधा देती हैं। करोड़ों यात्री इन प्राइवेट कंपनियों के ऐप पर टिकट बुक करते हैं। ये कंपनियां प्रत्येक टिकट पर कई तरह के चार्ज वसूलती हैं। इन तरह-तरह के चार्ज की वजह से टिकट की कुल कीमत काफी ज्यादा हो जाती है।
भारतीय रेल ने जनरल क्लास में सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए UTS (अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम) मोबाइल ऐप शुरू किया था। इस ऐप की मदद से आप जनरल क्लास की भी टिकट बुक कर सकते हैं।
आमतौर पर किसी खास काम के लिए लंबी यात्रा करने वाले यात्री, यात्रा की तारीख से 4 महीने (120 दिन) पहले ही ट्रेन में अपनी सीट बुक कर लेते थे ताकि उन्हें कन्फर्म सीट मिल जाए और बाद की भीड़भाड़ से भी बच जाएं।
किसी भी ट्रेन में सामान्य कोटा की टिकट यात्रा की तारीख से 4 महीने पहले बुक की जा सकती है। इसके अलावा, तत्काल कोटा की टिकट को यात्रा की तारीख से कम से कम 1 दिन पहले बुक किया जा सकता है।
आज के समय में ज्यादातर लोग ऑनलाइन टिकट बुकिंग करते हैं। लेकिन आप ऑनलाइन टिकट बुक करते समय अच्छी-खासी बचत कर सकते हैं।
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) ने सुविधा शुल्क से इस साल सिर्फ सितंबर माह में 63 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है।
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के जरिए ई-टिकट खरीदना अब महंगा हो गया है। एक आदेश के तहत भारतीय रेलवे ने एक सितंबर से सेवा शुल्क बहाल करने का फैसला किया है।
रेल यात्रीगण कृपया ध्यान दें! 1 सितंबर 2019 से अब आपका ट्रेन का सफर महंगा हो जाएगा। भारतीय रेलवे ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) से खरीदे जाने वाले ई-टिकट पर सर्विस चार्ज दोबारा से लागू कर दिया गया है।
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