RBI policy: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 6.15 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,382 अंक पर बंद हुआ।
RBI Policy: ब्याज दर में 50 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि संभव, Home-Car Loan समेत सभी लोन की बढ़ेगी ईएमआई RBI Policy 50 basis points increase in interest rate possible, EMI of all loans including home-car loans will increase
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष के लिए अपने मुद्रास्फीति के अनुमान को 5.7 से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है।
जेएलएल इंडिया के मुख्य अर्थशास्त्री और शोध प्रमुख समंतक दास ने कहा कि नीतिगत दरों में बढ़ोतरी मुख्य रूप से घर खरीदारों की धारणा को प्रभावित करने का काम करेगी।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि नई व्यवस्था से ग्राहकों को यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से भुगतान करने में अधिक अवसर और सुविधा मिलने की उम्मीद है।
रेपो रेट में बढ़ोतरी से आने वाले दिनों में आपके पर्सनल और क्रेडिट कार्ड लोन की ईएमआई भी बढ़ेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बार फिर रेपो रेट में 0.50 फीसदी की बड़ी बढ़ोत्तरी की है। इसके बाद रेपो रेट 4.90 फीसदी पर पहुंच गई है।
Repo Rate में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी होने से रिजर्व बैंक की तरफ से बैंकों को लोन महंगी दर पर मिलेगा। इस प्रकार बैंक भी इस बढ़ी लागत को ग्राहकों से वसूलेंगे जिससे कर्ज लेने की दरें महंगी हो जाएंगी।
बैंक से लोन लेना महंगा होगा। इसका खामियाजा लोन की ईएमआई पर पड़ेगा। आइए, जानते हैं कि होम, कार समेत दूसरे लोन पर अगले तीन महीने में कितनी ब्याज दरें बढ़ी सकती है।
RBI ने पिछले महीने अचानक रेपो दर एवं CRR में वृद्धि कर सबको अचंभित कर दिया था। रेपो दर को 0.40% बढ़ाकर 4.40% कर दिया गया था जबकि CRR में भी 0.50% की वृद्धि की गई थी।
मई में भी महंगाई का आंकड़ा सात प्रतिशत रहने का अनुमान है, लिहाजा रिजर्व बैंक की तरफ से इस पर नियंत्रण के लिए कई और कदम उठाए जा सकते हैं।
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली मौद्रिक समीक्षा बैठक छह से आठ अप्रैल को होगी।
आरबीआई ने लगातार 10वीं बार प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट 4 फीसदी पर, रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर स्थिर है।
ब्रोकरेज फर्म ने हालांकि कहा कि इसके चलते कीमतों में बढ़ोतरी और बाद में ब्याज दरों का जोखिम पैदा हो सकता है।
आवास ऋण पर निचली ब्याज दर व्यवस्था जारी रहने से घर खरीदारों में भरोसा पैदा होगा और इससे मौजूदा आर्थिक पुनरुद्धार में भी मदद मिलेगी।
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर बैंकों को आरबीआई कर्ज देता है। बैंक इस कर्ज से ग्राहकों को लोन देते हैं
पिछले सत्र में, 30 शेयरों वाला सूचकांक 886.51 अंक या 1.56 प्रतिशत बढ़कर 57,633.65 पर और निफ्टी 264.45 अंक या 1.56 प्रतिशत बढ़कर 17,176.70 पर बंद हुआ था।
आरबीआई ने फिस्कल इयर 2022 की चौथी तिमाही के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.1 फीसदी से कम करके 6 फीसदी कर दिया है
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुआई वाली एमपीसी की बैठक के नतीजों की घोषणा आठ दिसंबर को की जाएगी।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि भारतीय रिटेल निवेशक अब सीधे RBI के साथ अपना खाता खोल सकेंगे। आरबीआई ने कहा कि इसके लिए अलग से दिशा-निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।
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