अमृतसर में जहरीली शराब पीने की घटना के बाद लुधियाना जिले के बस्ती जोधेवाल में कथित तौर पर शराब पीने से तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि लुधियाना में तीन प्रवासी मजदूरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। एडीसीपी दविंदर चौधरी ने बताया कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चल पाएगा। हालांकि, मृतकों के घरवालों का आरोप है कि देर रात शराब पीने के बाद तीनों युवकों की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद तीनों की मौत हो गई।
बुधवार रात नूरवाला रोड पर खाली प्लॉट में तीन मजदूरों रिंकू (40), देबी (27) और मंगू (32) ने शराब पी। कुछ ही देर बाद वे बेहोश हो गए और उनके मुंह से झाग निकलने लगा। पुलिस ने बताया कि उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर ने क्या बताया
लुधियाना सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल ऑफिसर का कहना है कि मजदूरों की मौत रहस्मयी परिस्थितियों में हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। अभी कुछ भी कह पाना मुश्किल है। वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायक कुलवंत सिद्धू का कहना है कि अगर युवकों की मौत शराब पीने से हुई होगी तो होगी उच्चस्तरीय जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अमृतसर में 27 लोगों की हुई थी मौत
इस महीने की शुरुआत में अमृतसर में जहरीली शराब पीने से 27 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में मरने वाले ज्यादातर लोग दिहाड़ी मजदूर थे। जांच में पता चला कि जहरीली शराब बनाने के लिए मेथनॉल (औद्योगिक उत्पादों में इस्तेमाल होने वाला रसायन) ऑनलाइन थोक में खरीदा गया था। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पंजाब में पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन सरकार ने इससे सबक नहीं सीखा। उन्होंने कहा कि 2020 में अमृतसर, बटाला और तरनतारन में जहरीली शराब के सेवन से 120 लोगों की मौत हुई थी। मार्च 2024 में संगरूर में जहरीली शराब के सेवन से 20 लोगों की मौत हुई।
(लुधियाना से तुषार भारती की रिपोर्ट)