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तरनतारन उपचुनाव: SSP के खिलाफ शिकायतों पर चुनाव आयोग ने पंजाब के DGP को दिल्ली किया तलब, जानिए पूरा मामला

 Published : Nov 18, 2025 06:17 pm IST,  Updated : Nov 18, 2025 06:25 pm IST

तरनतारन की सीट पर हुए उपचुनाव को लेकर विपक्षी शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने शिकायत दर्ज कराई थी। बादल ने कहा था कि उपचुनाव के दौरान पुलिस ने उसके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया था।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : PTI

पंजाब की तरनतारन सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार की जीत हुई है। निर्वाचन आयोग ने पंजाब में हाल में हुए विधानसभा उपचुनाव के दौरान तरनतारन की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के खिलाफ शिकायतों को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव को 25 नवंबर को दिल्ली तलब किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। 

शिकायत में लगाया ये आरोप

विपक्षी शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल की शिकायत के बाद निर्वाचन आयोग ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रवजोत कौर ग्रेवाल को निलंबित करने का आदेश दिया था। पार्टी ने चुनाव पर्यवेक्षक को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उपचुनाव के दौरान पुलिस ने उसके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया। 

चुनाव आयोग ने मांगी विस्तृत जानकारी

अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राज्य पुलिस प्रमुख को तलब करके ग्रेवाल के खिलाफ कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। इससे पहले, निर्वाचन आयोग ने डीजीपी से तरनतारन में कथित तौर पर गलत तरीके से प्राथमिकी दर्ज किए जाने की एक अतिरिक्त महानिदेशक रैंक के अधिकारी द्वारा समीक्षा कराने को कहा था। 

दर्ज कराई गईं झूठी FIR

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष बादल ने ग्रेवाल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 11 नवंबर को हुए उपचुनाव में उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रचार करने से रोकने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करके उनके खिलाफ झूठी प्राथमिकी दर्ज करवाईं। ग्रेवाल को निर्वाचन आयोग ने 8 नवंबर को निलंबित कर दिया था। 

DGP को लिखा गया पत्र

पुलिस ने एडीजीपी राम सिंह की एक रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को सौंपी, जिसमें दावा किया गया कि मामले कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार दर्ज किए गए थे। आठ नवंबर को डीजीपी को लिखे एक पत्र में पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता के दौरान निष्पक्ष चुनाव संचालन में गंभीर खामियों का संज्ञान लेते हुए ग्रेवाल को निलंबित किया। 

स्थानीय पुलिस पर लगाए गए ये आरोप

पुलिस पर्यवेक्षक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि न केवल तरनतारन पुलिस, बल्कि पड़ोसी जिलों अमृतसर, बटाला और मोगा के बलों द्वारा भी समन्वित और ठोस कार्रवाई की गई थी। बादल ने पिछले महीने पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी को लिखे अपने पत्र में आरोप लगाया था कि राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए तरनतारन में स्थानीय पुलिस का "दुरुपयोग" कर रही है। 

राजनीति से प्रेरित गिरफ्तारियां

उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी ने एसएसपी को तरनतारन में अपना "वास्तविक" प्रभारी बना दिया है। सोमवार को, अकाली दल ने निर्वाचन आयोग में एक और शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि आप के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने तरनतारन उपचुनाव में उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ "फर्जी प्राथमिकी" दर्ज कीं और "राजनीति से प्रेरित गिरफ्तारियां" कीं। (भाषा के इनपुट के साथ)

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