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'ChatGPT और Gemini जैसे AI का न्यायिक कार्यों में न करें इस्तेमाल', पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का सख्त निर्देश

 Published : Apr 07, 2026 02:49 pm IST,  Updated : Apr 07, 2026 02:54 pm IST

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने AI के इस्तेमाल को लेकर दिशा निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि AI का इस्तेमाल सुधार के लिए किया जाना चाहिए न कि न्यायिक तर्क के लिए किया जाए।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : FREEPIK

स्मार्ट फोन के जमाने में आर्टिफीशिएल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल खूब हो रहा है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों को फैसला लिखने और कानूनी शोध के लिए 'ChatGPT', 'Gemini' और कोपायलट जैसे Artificial Intelligence (AI) प्लेटफॉर्म का उपयोग न करने का निर्देश दिया है। 

न करें AI का उपयोग 

हाई कोर्ट के महापंजीयक (रजिस्ट्रार-जनरल) द्वारा सोमवार को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को जारी किए गए पत्र के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें अपने अधीन कार्यरत न्यायिक अधिकारियों को यह निर्देश देने को कहा है कि वे फैसला लिखने और कानूनी शोध के लिए चैटजीपीटी, जेमिनी, कोपायलट, मेटा आदि सहित किसी भी एआई उपकरण का उपयोग न करें। 

गुजरात हाई कोर्ट ने भी लगाई है रोक

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इन निर्देशों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा। इससे पहले, गुजरात हाई कोर्ट ने किसी भी प्रकार के निर्णय लेने, न्यायिक तर्क, आदेश का प्रारूप तैयार करने, जमानत संबंधी सजा पर विचार करने या किसी भी महत्वपूर्ण न्यायिक प्रक्रिया में एआई के उपयोग पर रोक लगा दी थी। 

गुणवत्ता में सुधार के लिए किया जाए इस्तेमाल

गुजरात हाई कोर्ट की एआई नीति के अनुसार, एआई का उपयोग केवल न्याय वितरण की गति और गुणवत्ता में सुधार के लिए किया जाना चाहिए ना कि न्यायिक तर्क की जगह लेने के लिए।

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