चंडीगढ़: पंजाब पुलिस ने पिछले एक वर्ष में खोए हुए 12000 से अधिक मोबाइल फोन ट्रेस कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। यह पूरी कार्रवाई तकनीकी जांच और डेटा विश्लेषण के आधार पर की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत 15 से 20 करोड़ रुपये के बीच है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी 2025 से अब तक कुल 12,073 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
Related Stories
खोए फोन मिलने में संगरूर नंबर 1
मोबाइल रिकवरी रेट के मामले में संगरूर जिला सबसे आगे रहा, जहां खोए हुए 1,875 मोबाइल फोन में से 1,276 फोन बरामद किए गए। यहां रिकवरी दर 68 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं, बठिंडा में रिकवरी दर 52 प्रतिशत, फतेहगढ़ साहिब में 47 प्रतिशत, बरनाला में 45 प्रतिशत, मलेरकोटला में 39 प्रतिशत और मुक्तसर में 38 प्रतिशत मोबाइल फोन बरामद किए गए। दूसरी ओर कुछ जिलों में रिकवरी दर काफी कम रही। रूपनगर में यह दर 17 प्रतिशत, पटियाला में 14 प्रतिशत, जालंधर ग्रामीण में 13 प्रतिशत और लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट में केवल 9 प्रतिशत फोन वापस मिल पाए।
सबसे ज्यादा फोन लुधियान में खोए
फोन खोने के सबसे ज्यादा मामले लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट में सामने आए, जहां 5,868 शिकायतें दर्ज हुईं। इसके बाद अमृतसर कमिश्नरेट में 3,296, बटाला में 3,090, फिरोजपुर में 3,056 और पटियाला में 2,608 मोबाइल फोन खोने के मामले दर्ज किए गए। इन मोबाइल फोन को उनके असली मालिकों तक पहुंचाने के लिए पंजाब पुलिस की ओर से विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं, जहां बरामद मोबाइल फोन लोगों को लौटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब लोग अपना खोया फोन वापस पाते हैं तो वे बेहद खुश होते हैं। कई मामलों में 2 साल से भी पहले के खोए फोन मिल चुके हैं।
CEIR पोर्टल से ट्रेसिंग में मदद
खोए मोबाइल की ट्रेसिंग के लिए पुलिस Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल का इस्तेमाल कर रही है। यह भारत सरकार की एक केंद्रीकृत प्रणाली है, जो मोबाइल के IMEI नंबर के जरिए डिवाइस को ट्रैक करने में मदद करती है और चोरी/दुरुपयोग रोकती है। पुलिस शिकायत मिलने के बाद CEIR के जरिए फोन का लोकेशन और उपयोग ट्रेस करती है और फिर बरामदगी की प्रक्रिया शुरू करती है।
कैसे होती है रिकवरी प्रक्रिया?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब कोई खोया फोन सक्रिय मिलता है तो संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर उसे बताया जाता है कि यह फोन किसी और का है और इसे लौटाया जाए। अगर वह मना करता है तो कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है। जालंधर ग्रामीण के इंस्पेक्टर पुष्प बाली ने बताया, 'हम पहले समझाते हैं कि फोन किसी और का है और इसे वापस करना चाहिए।' अगर फोन बंद मिलता है तो पुलिस वैकल्पिक नंबर और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश करती है। संगरूर पुलिस के मुताबिक, जिस व्यक्ति से सबसे ज्यादा संपर्क होता है, उसके जरिए भी आरोपी तक पहुंच बनाई जाती है।
कई रोचक मामले भी सामने आए
- एक मामले में पुलिस ने एक आईफोन बरामद किया जो एक कपड़ा व्यापारी से छीना गया था। जांच में आरोपी तक पहुंच उसके दोस्त के कॉल रिकॉर्ड के आधार पर हुई।
- एक अन्य मामले में संगरूर पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिसने 15 मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की।
- जालंधर में हाल ही में 120 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये थी। इनमें से करीब 20 फोन उत्तर प्रदेश और बिहार से भी बरामद किए गए।
पुलिस ने जारी की अहम अपील
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मोबाइल फोन में बैंकिंग जानकारी, फोटो और निजी डेटा होता है, इसलिए इसे तुरंत खोने या चोरी होने पर रिपोर्ट करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि खोए हुए फोन का गलत इस्तेमाल साइबर अपराध और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में हो सकता है। पंजाब पुलिस ने लोगों से अपील की है कि समय पर शिकायत करने से न सिर्फ फोन वापस मिलने की संभावना बढ़ती है, बल्कि गलत इस्तेमाल को भी रोका जा सकता है।