जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने पैरामेडिकल की डिप्लोमा परीक्षा में गड़बड़ी और नकल का भंडाफोड़ किया है। जानकारी के मुताबिक, एक परीक्षा केंद्र पर विद्यार्थियों को सामूहिक नकल करवाने की तैयारी थी। हालांकि, पुलिस को समय रहते सूचना मिली और पूरे मामले का भांडा फूट गया। पुलिस ने एक कॉलेज संचालक और उसके भतीजे सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
पीजी कॉलेज का संचालक भी गिरफ्तार
जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर निरीक्षक तैनात करके बड़े पैमाने पर नकल कराने की योजना बनाई थी जो परीक्षा हॉल के अंदर नकल में मदद करते। जयपुर पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान एस करण कॉलेज के पैरामेडिकल विभाग के प्रमुख कृष्ण कुमार सैनी, एस करण कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग के लेक्चरर शंकर लाल जाट, प्रभा मेमोरियल पीजी कॉलेज से जुड़े रामकृष्ण मंडीवाल और प्रभा मेमोरियल पीजी कॉलेज के एडमिनिस्ट्रेटर देवकृष्ण मंडीवाल के तौर पर हुई है।
परीक्षार्थियों से वसूली थी मोटी रकम
पुलिस ने बताया कि जांच से पता चला है कि आरोपियों ने जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर नकल कराने के लिए लगभग 40-45 उम्मीदवारों से मोटी रकम वसूली थी। डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (जयपुर वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया कि पुलिस को 27 जून को खुफिया जानकारी मिली थी कि एक रैकेट 29 जून से शुरू होने वाली RUHS पैरामेडिकल परीक्षाओं के दौरान मदद का वादा करके छात्रों से पैसे वसूल रहा है। उम्मीदवारों की फर्स्ट ईयर में बैक-लॉग (परीक्षा बाकी) थी और आरोपियों ने कथित तौर पर जयपुर परीक्षा केंद्र के साथ यह पक्का करने के लिए डील की थी कि वे परीक्षा पास कर लें।
इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, रैकेट के सदस्यों को पकड़ने के लिए खोराबीसल पुलिस स्टेशन की एक स्पेशल टीम बनाई गई। यह टीम राजेश गुप्ता (एडिशनल DCP, जयपुर वेस्ट) के निर्देशन और शिव कुमार भारद्वाज (असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, झोटवाड़ा सर्कल) की देखरेख में काम कर रही थी और इसकी अगुवाई स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह कर रहे थे। टीम ने पूछताछ के लिए दो लोगों - कृष्ण कुमार सैनी और शंकर लाल बाजिया को हिरासत में लिया।
जांच में पुलिस को मिले सबूत
तलाशी के दौरान पुलिस को उनके बैग से दो डायरियां मिलीं जिनमें परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के नाम और उनसे कथित तौर पर वसूले गए पैसों का ब्योरा था। पुलिस ने आगे बताया कि ऑपरेशन के दौरान मोबाइल फोन और कैश ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड वाली डायरियां, साथ ही उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड की PDF कॉपी भी ज़ब्त की गईं। पुलिस ने कहा कि ज़ब्त किए गए मोबाइल फोन और आरोपियों की डायरियों में उम्मीदवारों से वसूले गए पैसों का रिकॉर्ड मिला, जिसमें परीक्षा देने वाले और नकल की योजना में शामिल लोग शामिल थे।
ये भी पढ़ेंः जयपुर में पैरामेडिकल डिप्लोमा परीक्षा के दौरान नकल का खुलासा, परीक्षा की गई रद्द, छात्रों ने की तोड़फोड़-VIDEO
कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की अजमेर जेल में हुई हत्या, 100 से ज्यादा मामले थे दर्ज, मच गया हड़कंप