राजस्थान: जयपुर में स्थित जयपुर सेंट्रल जेल से एक खलबली मचाने वाली घटना सामने आई है। जेल के चार कैदियों ने इलाज के नाम पर रैफर पर्ची बनवाकर अस्पताल जाने का बहाना किया, लेकिन वे शहर की गलियों में घूमते-फिरते पाए गए।
दरअसल, इन कैदियों को उन्हें नियमित जांच के लिए जाना तो अस्पताल था लेकिन वे पहुंच गए होटल में और बाद में कुछ अपनी प्रेमिका या पत्नी के साथ घूमते और कुछ पोहे का नाश्ता करते मिले। इस प्रकरण ने जेल व पुलिस प्रशासन की किरकिरी करा दी। हालांकि, पुलिस ने सोमवार को कहा कि इस मामले में 5 कांस्टेबल, 4 कैदियों और उनके 4 रिश्तेदारों सहित कुल 13 लोगों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
5 कैदियों ने ली थी मंजूरी
बताया जा रहा है कि कैदियों ने जेल के बाहर कुछ घंटे 'सैर सपाटा व मौज मस्ती' करने के लिए कथित तौर पर रिश्वत दी थी। पुलिस के अनुसार, शनिवार को 5 कैदियों ने कथित तौर पर एसएमएस अस्पताल में मेडिकल चेकअप के लिए मंजूरी ली थी, लेकिन इनमें से चार रफीक बकरी, भंवर लाल, अंकित बंसल और करण गुप्ता ने डॉक्टर के पास जाने के बजाय शहर में आराम से पूरा दिन बिताने के लिए रिश्वत दी थी। केवल एक कैदी अस्पताल पहुंचा।
सैर-सपाटा 25,000 रुपये में तय
इन चारों में से कोई भी शनिवार को शाम 5.30 बजे तक जेल नहीं लौटा। जांच में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "यह सैर-सपाटा एक बिचौलिए के जरिए करीब 25,000 रुपये में तय किया गया था। साथ गए कांस्टेबलों को 5,000-5,000 रुपये देने का वादा किया गया था।"
पुलिस उपायुक्त तेजस्वनी गौतम ने बताया कि रफीक और भंवर क्रमश: अपनी पत्नी और पूर्व प्रेमिका से जालूपुरा के एक होटल में मिले। बाद में रफीक की पत्नी के कब्जे से ड्रग्स बरामद की गई और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
पोहे का नाश्ता करते पकड़े गए दो कैदी
वहीं अंकित और करण को एयरपोर्ट के पास एक होटल में पकड़ा गया, जहां वे पोहे का नाश्ता कर रहे थे। इस होटल में कमरा अंकित की प्रेमिका ने बुक किया था। बाद में पुलिस ने करण के रिश्तेदार को एक होटल से 45,000 रुपये नकद और कई कैदी आईडी कार्ड के साथ हिरासत में लिया। जेल सूत्रों ने बताया कि इस सैर-सपाटे की साजिश जेल के अंदर से ही सक्रिय एक सजायाफ्ता कैदी ने रची थी।
धमकियां दिए जाने के नेटवर्क का कनेक्शन
जांचकर्ताओं का कहना है कि अप्रैल से अब तक 200 से ज्यादा फोन कॉल को 'इंटरसेप्ट' किया गया है, जिससे रिश्वत, मोबाइल का अनधिकृत इस्तेमाल और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत वीआईपी को कथित धमकियां दिए जाने के गहरे नेटवर्क का पता चलता है। पुलिस ने बताया कि सवाई मान सिंह पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और जयपुर सेंट्रल जेल में जांच और तलाशी शुरू कर दी गई है। (इनपुट- भाषा)
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