राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने कार्यकाल के आखिरी बजट को आज यानी शुक्रवार को विधानसभा में पेश किया। बजट में गहलोत सरकार ने सिर्फ आम आदमी ही नहीं, बल्कि विधायकों को भी सौगात दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बजट भाषण के बाद सभी विधायकों को बैग बांटे गए। इस बैग को लेने के लिए विधायकों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं। इस बैग में हर साल की तरह विधायकों के लिए कोई ना कोई सरप्राइज गिफ्ट होता है।
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पिछले बजट में गहलोत सरकार ने विधायकों को ऐपल फोन दिया था। इस बार विधायकों को टैबलेट दिया गया है। टैब लेने के लिए विधायक टूट पड़े। सभी यानी 200 विधायकों की लिस्ट सौंपी गई थी। सभी विधायकों के साइन करा-करा कर टैब दिए गए। चुनावी साल का बजट है, लिहाजा विधायकों को टैब बांटे गए हैं।
बजट भाषण के दौरान अचानक अटक गए सीएम
वहीं, सीएम गहलोत अपने बजट भाषण के दौरान अचानक अटक गए। मनरेगा की 125 दिन शहरी रोजगार गारंटी योजना की जानकारी बजट में आते ही गलती का एहसास हुआ कि सीएम ने पुराना बजट पढ़ दिया है। मुख्यमंत्री गहलोत को कुछ सेकेंड में ही समझ आ गया कि जो बजट पढ़ रहे हैं, वह पुराना है। इस दौरान विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। मंत्री महेश जोशी ने मुख्यमंत्री के पास जाकर यह गलती बताई। इसके बाद सीएम गहलोत ने माफी भी मांगी कि गलती हो जाती है। हालांकि, गहलोत भी चौंक गए कि बजट के पेपर में पुराने कागज कैसे आ गए।
मुख्यमंत्री गहलोत की इस बड़ी चूक पर पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने हमला बोला। वसुंधरा राजे ने कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री बिन चेक किए कोई भाषण कैसे पढ़ सकता है। उन्होंने पूछा कि ऐसे सीएम के हाथ में राज्य कैसे सुरक्षित रह सकता है? वसुंधरा ने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है।
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