राजस्थान के झुंझुनूं जिले के चिड़ावा शहर में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई जब पुलिस और आरोपियों के बीच फिल्मी स्टाइल में हाई वोल्टेज पीछा देखने को मिला। हॉस्पिटल, गलियों और घरों की दीवारें फांदते हुए भाग रहे आरोपियों को आखिरकार पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर धर दबोचा। इस पूरी कार्रवाई का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
धोखाधड़ी से शुरू हुआ पूरा खेल
मामले की शुरुआत गुजरात के सूरत स्थित एक फर्म "एम के गोल्ड" के साथ हुई धोखाधड़ी से हुई। फर्म के प्रतिनिधि मेहुल भाई के अनुसार, चिड़ावा के किशोरपुरा निवासी रजनीश डारा ने ऑनलाइन संपर्क कर बताया कि उसका गोल्ड बैंक में गिरवी रखा हुआ है, जिसे वह छुड़वाना चाहता है। उसने बैंक की रसीदें और दस्तावेज भी भेजे। फर्म बैंकों में गिरवी सोना छुड़वाने का काम कमीशन पर करती है, जिस पर भरोसा कर मेहुल भाई अपने साथियों के साथ सूरत से चिड़ावा पहुंचे।
6.78 लाख ट्रांसफर, फिर रचा पूरा जाल
बुधवार सुबह जब सभी बैंक पहुंचे तो बैंक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लोन का भुगतान उसी व्यक्ति के खाते से होगा जिसने लोन लिया है। इस पर फर्म ने रजनीश के खाते में 6 लाख 78 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद रजनीश ने चेक घर पर होने का बहाना बनाया और मेहुल भाई को बाइक पर बैठाकर किशोरपुरा की ओर ले गया। आरोप है कि गांव से पहले एक बाड़े में बाइक रोकी गई, जहां पहले से 7-8 हथियारबंद बदमाश मौजूद थे।
बंधक बनाकर धमकाया, जबरन पैसे ट्रांसफर करवाए
बाड़े में बदमाशों ने मेहुल भाई को करीब 2 घंटे तक डराया-धमकाया। इसके बाद उसे बिना नंबर की काले शीशों वाली कार में बैठाकर अलग-अलग खातों में 40 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए। लगातार मिन्नतों के बाद उसे झुंझुनूं-गुढ़ा रोड पर छोड़ दिया गया।
पुलिस के सामने ही भागे आरोपी
गुरुवार सुबह पीड़ित मेहुल भाई अपने साथियों के साथ चिड़ावा थाने पहुंचा और पूरी घटना बताई। पुलिस टीम—एसआई कैलाश चन्द्र, हेड कांस्टेबल जगदीप राव, कांस्टेबल अमित डाटिका, योगेश शर्मा और आसूचना अधिकारी महेन्द्र यादव—तुरंत हरकत में आई और पीड़ित को साथ लेकर बैंक पहुंची।इसी दौरान मुख्य आरोपी रजनीश अपने साथियों के साथ बैंक में आ पहुंचा। जैसे ही मेहुल भाई ने उसे पहचाना, आरोपी घबरा गए और मौके से भागने लगे।
हॉस्पिटल में घुसे आरोपी
भागते हुए दोनों आरोपी पास के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में घुस गए, पुलिस भी पीछा करते हुए हॉस्पिटल पहुंची। दोनों आरोपी वहां से भी पुलिस को चकमा देकर भाग निकले। पुलिस के जवानों ने पीछा कर एक आरोपी को पकड़ लिया। दूसरा आरोपी सड़क पार कर दीवारें फांदते हुए, घरों में घुसते हुए एक मकान में जा छुपा। वह खटिया के पीछे छिप गया, लेकिन घर की महिला ने शोर मचा दिया। मोहल्ले के लोग तुरंत इकट्ठा हो गए और आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज बना चर्चा का विषय
पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें पुलिस और आरोपियों के बीच फिल्मी अंदाज़ में पीछा साफ नजर आ रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर यह संगठित धोखाधड़ी और लूट का मामला माना जा रहा है, जिसमें और भी आरोपियों की संलिप्तता सामने आ सकती है। पीड़ित मेहुल भाई ने त्वरित कार्रवाई के लिए चिड़ावा पुलिस और स्थानीय लोगों का आभार जताया है। (रिपोर्ट: अमित शर्मा)
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