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RPSC सदस्य ने 60 लाख रुपये में बेचा था व्याख्याता भर्ती परीक्षा का पेपर, 4 साल बाद हुआ बड़ा खुलासा

 Edited By: Shakti Singh
 Published : May 10, 2026 11:59 pm IST,  Updated : May 10, 2026 11:59 pm IST

पुलिस ने साल 2022 में हुए पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आरपीएससी के ही एक सदस्य ने 60 लाख रुपये में पेपर बेचा था।

Police- India TV Hindi
पुलिस ने पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा किया है Image Source : PTI

राजस्थान में साल 2022 के पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। ​राजस्थान पुलिस ने रविवार को कहा कि वर्ष 2022 की स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के तत्कालीन सदस्य ने लीक किया था, जिसने इसे कथित तौर पर 60 लाख रुपये में एक गिरोह को बेचा था। पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) विशाल बंसल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा ने कृषि विज्ञान विषय का प्रश्नपत्र कथित सरगना अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को 60 लाख रुपये में उपलब्ध कराया था।

अधिकारियों ने बताया कि मीणा ने अपने भतीजे विजय डामोर के लिए भूगोल का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने को लेकर भी आरोपियों से सौदा किया था। एसओजी ने इस मामले में कटारा, मीणा और डामोर को मई-जून 2023 में गिरफ्तार किया था। बंसल ने बताया कि कटारा को इससे पहले भी तीन अन्य भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है।

पहले ही लीक कर दिया था अर्थशास्त्र का पेपर

अधिकारियों के अनुसार विभिन्न विषयों के लिए स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा वर्ष 2022 में आयोजित की गई थी और एसओजी पहले ही अर्थशास्त्र विषय के प्रश्नपत्र लीक का खुलासा कर चुकी थी। उन्होंने बताया कि आगे की जांच में अब कृषि विज्ञान विषय के प्रश्नपत्र लीक होने की भी पुष्टि हुई है। यह मामला व्याख्याता अशोक यादव की गिरफ्तारी के बाद सामने आया, जिसके शैक्षणिक रिकॉर्ड में अंकों को लेकर बड़ा अंतर पाया गया था। पूछताछ के दौरान यादव ने स्वीकार किया कि उसे कृषि विज्ञान का लीक प्रश्नपत्र मीणा के सहयोगी विनोद रेवार से मिला था। इसके बाद मीणा से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसने यह प्रश्नपत्र कटारा से 60 लाख रुपये में खरीदा था।

भूगोल का पेपर भी मांगा था

जांचकर्ताओं ने बताया कि कटारा ने अपने भतीजे के लिए भूगोल का प्रश्नपत्र भी उपलब्ध कराने को कहा था। हालांकि, डामोर परीक्षा में सफल नहीं हो सका। अधिकारियों के अनुसार लीक प्रश्नपत्र की प्रतियां विनोद रेवार, भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका के नेटवर्क के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाई गई थीं। पुलिस ने बताया कि सारण को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि रेवार और ढाका फरार हैं तथा उनकी तलाश की जा रही है। एसओजी यह भी जांच कर रही है कि इस भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक से कितने अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचा। पुलिस के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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