Shani-Mangal Yuti: मंगल और शनि ग्रह को ज्योतिष में क्रूर ग्रहों की श्रेणी में रखा गया है। ये दोनों ग्रह क्रोध, दुर्घटना और धन हानि का कारण भी बनते हैं। अप्रैल के महीने में 2 तारीख को मंगल मीन राशि में गोचर करेंगे और शनि के साथ मंगल की युति होगी। ऐसे में शनि-मंगल की युति का होना कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। ये राशियां कौन-कौन हैं और क्या उपाय इन राशियों को करने चाहिए, आइए जानते हैं।
शनि मंगल की युति इन 5 राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण
शनि-मंगल की युति मीन राशि में 2 अप्रैल को होगी। इस युति के होने से मेष, सिंह, कन्या, कुंभ और मीन राशि के जातकों को दिक्कतों का सामना जीवन में करना पड़ सकता है। यह युति इन 5 राशियों को मानसिक तनाव दे सकती है और करियर के क्षेत्र में भी परेशानियों का सामना इन राशियों को करना पड़ सकता है। शनि मंगल की युति के दौरान कोई भी बड़ा फैसला इन राशियों को नहीं लेना चाहिए। धन का लेन-देन करते समय भी सतर्क रहें। क्रोध और जल्दबाजी करना इन पांचों राशियों को भारी पड़ सकता है। रोजगार की तलाश में लगे लोगों को प्रयास बढ़ाने होंगे। पारिवारिक जीवन में अपनी जिम्मेदारियों को इन राशियों को समझना होगा, अन्यथा घर के लोगों के साथ अनबन हो सकती है। अपनी सेहत का भी ये लोग ध्यान दें। नीचे दिए गए उपायों को करने से शनि-मंगल की युति के बुरे प्रभावों से आप बच सकते हैं।
शनि-मंगल युति के बुरे प्रभावों से बचने के उपाय
- शनि और मंगल दोनों ही ग्रह हनुमान जी की पूजा करने से नियंत्रित होते हैं। इसलिए शनि-मंगल की युति के बुरे प्रभावों से बचने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें, हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और मंगलवार के दिन व्रत रखें.
- मंगलवार के दिन लाल मसूर, लाल वस्त्र, गुंड़ आदि का दान करने से मंगल के बुरे प्रभाव दूर होंगे।
- शनिवार के दिन काले तिल, सरसों का तेल, काले वस्त्र दान करने से आप शनि के बुरे प्रभावों से बच सकते हैं।
- भगवान शिव के मंत्रों का जप करने से भी शनि-मंगल युति के दुष्प्रभावों से आप बच सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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