हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का अधिक महत्व माना गया है। ये तिथि भगवान विष्णु का समर्पित मानी गई है। हर माह में 2 बार एकादशी तिथि आती है, एक कृष्ण पक्ष में और दूसरा शुक्ल पक्ष में। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष एकादशी को अजा एकादशी के ना से जाना जाता है, ऐसे में लोग कंफ्यूज हो रहे हैं कि आखिर यह कब मनाई जाएगी...
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 18 अगस्त को शाम 05.22 बजे हो जाएगा। जो 19 अगस्त की दोपहर 03.32 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही व्रत पारण का समय 20 अगस्त की सुबह 05.53 बजे से 08.29 बजे तक रहेगा। उदया तिथि की मान्यता होने का कारण अजा एकादशी 19 अगस्त को मनाई जाएगी।
एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठें, फिर स्नान आदि कर साफ वस्त्र धारण करें। अब मंदिर की सफाई करें और भगवान विष्णु की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं। अब एक छोटी चौकी लें और लाल कपड़ा बिछाकर विष्णु जी की प्रतिमा स्थापित करें। अब भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक प्रज्जवलित करें। फिर भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें। व्रत का संकल्प लें और व्रत रखें। फिर विष्णु सहस्नाम का पाठ करें और आरती करें। फिर भगवान विष्णु को भोग लगाएं और प्रसाद वितरित करें। याद रहे कि भोग में तुलसी दल जरूर शामिल करें वरना भगवान भोग ग्रहण नहीं करेंगे।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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