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Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के दूसरे दिन करें माता ब्रह्मचारिणी के 5 मंत्रों का जप, ज्ञान और आत्मबल की होगी प्राप्ति

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Mar 19, 2026 04:37 pm IST,  Updated : Mar 19, 2026 09:57 pm IST

Chaitra Navratri 2026: माता ब्रह्मचारिणी की पूजा नवरात्रि के दूसरे दिन की जाती है। माता को प्रसन्न करने के लिए किन मंत्रों का जप करना चाहिए आज हम आपको इसके बारे में जानकारी देंगे।

Chaitra Navratri 2026- India TV Hindi
चैत्र नवरात्रि 2026 Image Source : FREEPIK

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन माता दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। माता दुर्गा के इस स्वरूप को तप, त्याग और संयम का प्रतीक माना जाता है। माता की पूजा से व्यक्ति को ज्ञान, विवेक और आत्मबल की प्राप्ति होती है। माता दुर्गा के इस स्वरूप को तप, त्याग और संयम का प्रतीक माना जाता है। माता की पूजा से व्यक्ति को ज्ञान, विवेक और आत्मबल की प्राप्ति होती है। साथ ही माता की पूजा करने से मंगल ग्रह के दोष भी दूर होते हैं। ऐसे में नवरात्रि के दूसरे दिन माता रानी को प्रसन्न करने के लिए और उनका आशीर्वाद पाने के लिए कुछ मंत्रों का जप आपको करना चाहिए। ये मंत्र आपकी इच्छाओं को पूरा करते हैं और आपको मानसिक शांति भी प्रदान करते हैं, आइए जानते हैं। 

माता ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करने के लिए मंत्र 

मंत्र- दधाना कर पद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।

इस मंत्र को माता ब्रह्मचारिणी का ध्यान मंत्र कहा जाता है। इस मंत्र का मानसिक जप करने से शांति और सुख आपके जीवन में आता है साथ ही बुद्धि और विवेक की आपको प्राप्त होती है। 

मंत्र- या देवी सर्वभू‍तेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

यह मंत्र माता का स्तुति मंत्र है इस मंत्र का जप अगर आप नवरात्रि के दूसरे दिन करते हैं तो माता ब्रह्मचारिणी की असीम कृपा आपको प्राप्त होती है और आपकी मनोकामनाएं पूरी होती है। साथ ही आत्मबल भी आपको प्राप्त होता है। 

मंत्र- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः।

यह माता माता ब्रह्मचारिणी का बीज मंत्र है इस मंत्र का जप करने से आपको ज्ञान, आत्मबल और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। 

मंत्र- तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्। ब्रह्मरूपधरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्।

इस मंत्र को देवी ब्रह्मचारिणी का प्रार्थना मंत्र कहा जाता है। इस मंत्र का जप करने से आप माता की कृपा दृष्टि का पात्र बनते हैं। यह मंत्र आपकी इच्छाओं को पूरा करने वाला भी माना जाता है। 

मंत्र- ॐ दुं दुर्गायै नमः।

यह माता का शक्तिदायक मंत्र माना जाता है। इस मंत्र का जप करने से मानसिक और आत्मिक बल भक्तों को प्राप्त होता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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