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Maa Kushmanda Mantra: नवरात्रि के चौथे दिन मिलेगी मां अंबे की विशेष कृपा, पूजा के समय जरूर करें मां कुष्मांडा के इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Mar 21, 2026 11:09 am IST,  Updated : Mar 21, 2026 11:09 am IST

Maa Kushmanda Mantra: 22 मार्च को चैत्र नवरात्रि 2026 का चौथा दिन है। नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा का विधि-विधान से पूजन किया जाता है। इस दौरान माता के विशेष मंत्रों क जाप करना बहुत ही शुभ परिणाम देता है। यहां पढ़िए मां कुष्मांडा के मंत्र।

मां कुष्मांडा के मंत्र- India TV Hindi
मां कुष्मांडा के मंत्र Image Source : INDIA TV

Chaitra Navratri 2026, Maa Kushmanda Puja Mantra: चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन (Chaitra Navratri 2026 Day 4) मां कूष्मांडा को समर्पित है। देवी कूष्मांडा माता जगदंबा की चौथे स्वरूप में जानी जाती हैं। माता का स्वरूप शक्ति, ऊर्जा और सृष्टि की रचनाकार का प्रतीक है। देवी कूष्मांडा की आठ भुजाएं हैं। कहा जाता है कि मां कुष्मांडा ने ही ब्रह्मांड की रचना की थी। माता कुष्मांडा की पूजा से विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं। जैसे उन्होंने संसार का अंधकार मिटाया था, उसी तरह से अपने भक्तों के जीवन को भी प्रकाश से भर देती है। इसलिए चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन देवी की पूजा के दौरान आपको कुछ मंत्रों का जप अवश्य करना चाहिए। यहां जानिए मां कुष्मांडा की पूजा में उच्चारित किए जाने वाले मंत्र कौन-कौन से हैं।

मां कूष्मांडा के मंत्र (Maa Kushmanda Ke Mantra)

1. ऊं कुष्माण्डायै नम:

2. दुर्गतिनाशिनी त्वंहि दारिद्रादि विनाशिनीम्।

जयंदा धनदां कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥
जगन्माता जगतकत्री जगदाधार रूपणीम्।
चराचरेश्वरी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥
त्रैलोक्यसुंदरी त्वंहि दु:ख शोक निवारिणाम्।
परमानंदमयी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥

मां कुष्मांडा का बीज मंत्र (Maa Kushmanda Beej Mantra)

ऐं ह्री देव्यै नम:

मां कुष्मांडा का स्तुति मंत्र (Maa Kushmanda Ka Stuti Mantra)

या देवी सर्वभू‍तेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मां कुष्मांडा ध्यान मंत्र (Maa Kushmanda Dhyan Mantra)

सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥

मां कुष्मांडा का कवच (Maa Kushmanda Kavach)

हंसरै में शिर पातु कूष्माण्डे भवनाशिनीम्।
हसलकरीं नेत्रेच, हसरौश्च ललाटकम्॥
कौमारी पातु सर्वगात्रे, वाराही उत्तरे तथा,
पूर्वे पातु वैष्णवी इन्द्राणी दक्षिणे मम।
दिग्विदिक्षु सर्वत्रेव कूं बीजम् सर्वदावतु॥

मां कुष्मांडा मंत्र जाप विधि (Maa Kushmanda Mantra Jaap)

मां कूष्माण्डा के मंत्रों का जाप करने से आप जीवन में हमेशा उन्नति की ओर अग्रसर होते हैं। बीज मंत्रों का जाप एक माला (108) बार करना चाहिए। मां कुष्मांडा अपने भक्तों को यश-बल और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। देवी की पूजा से सभी प्रकार के रोग और शारीरिक परेशानियां दूर होती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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