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महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान के दिन इस मंत्र का करें जप, पितरों को मिलेगी शांति

 Published : Jan 17, 2025 11:02 am IST,  Updated : Jan 17, 2025 11:02 am IST

महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान यानी मौनी अमावस्या के दिन पितृ धरती पर आते हैं, ऐसे में महाकुंभ में कुछ मंत्रों का जाप करें इससे आपके पूर्वजों का काफी शांति मिलेगी।

महाकुंभ- India TV Hindi
महाकुंभ Image Source : INDIA TV

मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान (शाही स्नान) पड़ रहा है। कहा जाता है कि मौनी अमावस्या के दिन पितृ भी धरती पर आते हैं। ऐसे में अगर आप मौनी अमावस्या के दिन अपने पितरों की आत्मा को शांति देना चाहते हैं और अमृत स्नान के दिन जाना चाहते हैं तो हमारे धार्मिक ग्रंथों में कई मंत्र बताए गए हैं जो आपकी इसमें मदद कर सकते हैं। मान्यता है कि हर मौनी अमावस्या के दिन पूर्वज धरती पर आकर अपने परिजनों से उम्मीद करते हैं कि वे उनके लिए अन्न, जल आदि अर्पित करें या अन्न दान करें, जिससे उन्हें शांति मिले।

मिलेगा पूर्वजों को शांति

ऐसे में अगर आप अपने पितरों की आत्मा को शांति देना चाहते हैं तो हम आपको कुछ ऐसे मंत्र बता सकते हैं जो आपको अमृत स्नान वाले दिन जरूर जप करना चाहिए, इससे पूर्वजों को शांति प्रदान होगी। हमारे धार्मिक ग्रंथों में कई ऐसे मंत्र बताए गए हैं जो पितरों को शांत और मुक्ति प्रदान कर सकते हैं। इनमें से एक मंत्र हैं पितृ गायत्री मंत्र, जो नीचे दिया जा रहा है, इसके जप से आपके पितृ खुश होंगे।

इन मंत्रों का करना चाहिए जाप

ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात् ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम: ॐ आद्य भूताय विद्महे सर्व सेव्याय धीमहि। शिव-शक्ति स्वरूपेण पितृ देव प्रचोदयात्।।

यहां, कुछ मंत्र ऐसे भी बताए जा रहे हैं जिनका जाप भी आप आसानी से कर सकते हैं और यह काफी लाभकारी होगा।

  • ॐ श्री पितराय नम: और ॐ श्री पितृदेवाय नमः - इस मंत्र का जाप अपने पूर्वजों को याद कर 21 बार करना चाहिए।
  • ॐ श्री पितृभ्य: नम: - इस मंत्र का 51 बार जाप करने से पितरों को खुशी मिलती है।
  • ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः - इस मंत्र का 108 बार जाप करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

इसके अलावा, आप संगम घाट पर पितृ कवच, पितृ स्त्रोत, पितृ सूक्तम का पाठ भी कर सकते हैं। इससे आपके पितृ काफी खुश होंगे और आपको आशीर्वाद प्रदान करेंगे।

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