1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि के दिन शिवजी की पूजा करते समय इन मंत्रों का करें जाप, पूरी होगी सभी मनोकामना

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि के दिन शिवजी की पूजा करते समय इन मंत्रों का करें जाप, पूरी होगी सभी मनोकामना

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Feb 09, 2025 01:24 pm IST,  Updated : Feb 09, 2025 01:24 pm IST

Mahashivratri 2025: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का दिन बेहद ही खास मानी जाती है। यह वो पावन दिन है जब माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह संपन्न हुआ था। तो आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन पूजा करते समय भगवान शिव के किन मंत्रों का जाप करना चाहिए।

महाशिवरात्रि 2025- India TV Hindi
महाशिवरात्रि 2025 Image Source : INDIA TV

Mahashivratri 2025: भगवान शिव के भक्तों को महाशिवरात्रि का बड़ी बेसब्री के साथ इंतजार रहता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि के दिन काशी समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में भव्य शिव बारात भी निकाली जाती है। 

महाशिवरात्रि के दिन व्रत रख पूजा करने से भगवान शिव और मां गौरी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही दांपत्य जीवन में भी मधुरता बनी रहती है। वही जो कुंवारी कन्याएं महाशिवरात्रि का व्रत करती हैं उन्हें मनचाहा जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। उनका वैवाहिक जीवन सदैव सुखमय बना रहता है। तो आइए अब जानते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करते समय किन मंत्रों का जाप करना फलदायी रहेगा। इसके साथ ही जानेंगे महाशिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त के बारे में। 

महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त 2025

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर होगा। चतुर्दशी तिथि का समापन 27 फरवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर होगा। महाशिवरात्रि व्रत का पारण 27 फरवरी 2025 को किया जाएगा। पारण का उत्तम समय सुबह 6 बजकर 59 मिनट से सुबह 8 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। 

शिवजी की पूजा करते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?

1. ॐ पार्वतीपतये नमः

2. ॐ नमः शिवाय

3. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।  उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

4. ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि तन्नः शिवः प्रचोदयात्॥

5. कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भवं भवानीसहितं नमामि।।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।) 

ये भी पढ़ें-

Magh Purnima 2025: इन शुभ योग में मनाई जाएगी माघ पूर्णिमा, स्नान-दान करने से घर आएगी सुख-समृद्धि

Surya Gochar 2025: सूर्य के कुंभ राशि में गोचर करते ही सोने की तरह चमकेगी इन राशियों कि किस्मत, जानें आपकी राशि के लिए क्या रहेगा खास?

गजलक्ष्मी राजयोग बनाता है व्यक्ति को 'धनकुबेर' और भाग्यशाली, देखें कहीं आपकी कुंडली में भी तो नहीं बन रहा ये संयोग

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म