Mahashivratri Vrat Paran Muhurat: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि व्रत का विशेष महत्व है। इस व्रत को करने से जातकों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वहीं जिन कुंवारी कन्याओं के विवाह में कोई बाधा आ रही है वो अगर शिवरात्रि का व्रत करती हैं तो उनका शीघ्र विवाह हो जाता है। साथ ही मनचाहा जीवनसाथी की भी प्राप्ति होती है। हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस साल यह पावन तिथि 26 फरवरी को थी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। तो आइए अब जानते हैं कि महाशिवरात्रि व्रत का पारण किस समय करना सबसे उत्तम रहेगा।
बता दें कि महाशिवरात्रि व्रत का पारण दूसरे दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है। पारण का अर्थ है व्रत को खोलना या व्रत का समापन। महाशिवरात्रि व्रत का पारण 27 फरवरी 2025 को किया जाएगा। महाशिवरात्रि व्रत के पारण का शुभ समय 27 फरवरी को सुबह 6 बजकर 59 मिनट से सुबह 8 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। महाशिवरात्रि व्रत पारण के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें और फिर भोग लगाने के बाद ही कुछ ग्रहण करें। अन्न का सेवन करने से पहले कोई भी फल केला या बेर खाकर व्रत खोलें। इसके बाद भोजन का सेवन करें। महाशिवरात्रि व्रत पारण के दिन सात्विक आहार ही ग्रहण करें।
शिवरात्रि पूजा रात्रि के समय एक बार या चार बार की जा सकती है। रात्रि के चार प्रहर होते हैं और हर प्रहर में भगवान शिव की पूजा की जा सकती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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