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नंदी के कान में क्यों कहनी चाहिए अपनी मनोकामना? जानें इसके पीछे की पौराणिक कथा

 Published : Feb 26, 2025 11:54 am IST,  Updated : Feb 26, 2025 12:02 pm IST

महाशिवरात्रि का पर्व आज पूरे देश में मनाया जा रहा है। इस दिन शिवभक्त बड़े की धूमधाम से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं, फिर नंदी के कान में अपनी मनोकामना मांगते हैं।

महाशिवरात्रि- India TV Hindi
महाशिवरात्रि Image Source : FILE PHOTO

महाशिवरात्रि की धूम पूरे देश में देखने को मिल रही है। सुबह से लोग शिव मंदिरों में भगवान के जलाभिषेक के लिए लाइन में लगे हुए हैं। देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों को काफी भव्य तरीके से सजाया गया है। काशी और उज्जैन में से विशेष पूजा-अर्चना की गई है। भोलेनाथ को दूल्हे की तरह सजाया गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था। साथ ही भगवान शिव इसी दिन निराकार रूप से साकार रूप में प्रकट हुए थे।

माना जाता है कि भगवान शिव की विधिवत पूजा के बाद नंदी की भी पूजा की जानी चाहिए। साथ ही पूजा के दौरान उनके कानों में अपनी मनोकामना भी कहनी चाहिए। शास्त्रों के मुताबिक, नंदी के कानों में मनोकामना कहने से पहले ओम कहना अनिवार्य होता है, इससे नंदी आपकी बात ध्यानपूर्वक सुनते हैं और फिर भगवान शिव को आपकी मनोकामना बताते हैं। ऐसे में आपके भी मन में कई सवाल उठे हैं कि आखिर नंदी के कान में क्यों कहते हैं? तो आइए जानते हैं इसका जवाब... 

क्या है वह पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के मुताबिक, भगवान शिव ने ही नंदी को यह वरदान दिया था, कि जो कोई तुम्हारे कान में आकर अपनी मनोकामना बोलेगा, उसकी हर इच्छा मुझ तक पहुंचेगी और वह पूरी होगी। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को अपनी इच्छा महादेव तक पहुंचानी है, तो वह नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना कहता है।

एक अलग कथा के मुताबिक, नंदी भगवान शिव के विश्वासपात्र और सबसे करीबी सेवक है। एक बार, एक ऋषि ने नंदी से कहा कि वह भगवान शिव के समीप रहने के कारण काफी भाग्यशाली है। नंदी ने ऋषि से कहा कि वह भगवान शिव की ही कृपा से उनके समीप रहते हैं। इस पर ऋषि ने नंदी से पूछा कि वह भगवान शिव को अपनी मनोकामनाएं कैसे बताते हैं तो नंदी ने कहा कि वह भगवान शिव के कान में अपनी मनोकामनाएं नहीं बता सकता, क्योंकि वह उनके समीप रहते हैं तो उनकी हर बात सिर्फ सुनते हैं।

इस पर ऋषि ने नंदी से कहा कि वह अपनी मनोकामनाएं भगवान शिव के पास रहने वाले नंदी के कान में बता सकता हैं। इससे भगवान शिव तक वह मनोकामना पहुंच जाएगी। इस पर नंदी ने हामी भर दी तब से अपनी मनोकामनाएं नंदी के कान में कही जाती हैं।

कैसे कहें नंदी से अपनी बात

अगर किसी को नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहनी है तो उसे सबसे पहले विधि-विधान से उनका पूजन करना चाहिए। उनके पास दीपक जलाना चाहिए और उन्हें भोग लगाना चाहिए। इसके बाद ओम शब्द बोलकर अपनी मनोकामना नंदी जी के कान में कहनी चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि यदि आप नंदी के बाएं कान में आप अपनी मनोकामना कहते हैं, तो वह जल्द महादेव तक पहुंचती है और पूरी होती है।

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