Ganeshotsav 2025: भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 27 अगस्त को थी और इसी दिन देशभर में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया गया। गणेश चतुर्थी के साथ ही दस दिवसीय गणेशोत्सव की भी शुरुआत हो चुकी है। गणेशोत्सव के दौरान भक्त गणेश जी को अतिथि के रूप में घर में लाते हैं और अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन करते हैं। गणेशोत्सव के दस दिनों में भक्त घर में गणेश जी की विधि-विधान से पूजा करते हैं। इस दौरान पूजा के दौरान आपको गणेश भगवान के प्रिय फूलों को भी उन्हें अर्पित अवश्य करना चाहिए। आइए जान लेते हैं भगवान गणेश को कौन-कौन से फूल प्रिय हैं।
गणेशोत्सव के दौरान आपको अपराजिता के फूल भगवान गणेश को अर्पित करने चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अपराजिता के फूल बप्पा को अतिप्रिय हैं। अपराजिता के पुष्प अर्पित करने से बप्पा आपके प्रेम और वैवाहिक जीवन में आ रही परेशानियों को दूर करते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।
बप्पा को गुडहल के फूल भी गणेशोत्सव के दौरान अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। गुडहल के फूल बप्पा को अर्पित करने से जीवन में आ रही विघ्न बाधाएं दूर होती हैं और प्रतिद्वंदियों पर भी आप विजय प्राप्त करने में सफल होते हैं।
विघ्नहर्ता को गेंदे के फूल भी आपको अर्पित करने चाहिए। गेंदे के पुष्प अर्पित करने से आपको आरोग्य की प्राप्ति होती है साथ ही धन-धान्य में भी वृद्धि होती है। आपकी कई आर्थिक परेशानियां गेंदे के फूल बप्पा को अर्पित करने से दूर होती हैं।
बप्पा को कंद के पुष्प भी गणशोत्सव के दौरान अर्पित आप कर सकते हैं। कंद के फूल अर्पित करने से पारिवारिक जीवन में शांति और सौहार्द आता है। साथ ही प्रेम संबंधों में भी तरोताजगी आती है।
गणेशोत्सव के दौरान अगर आप बप्पा को पारिजात के पुष्प अर्पित करते हैं दो जीवन में आ रही विघ्न बाधाओं से आपको मुक्ति मिलती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो दंपत्ति संतान की कामना कर रहे हैं उन्हें भी परिजात के पुष्प बप्पा को अर्पित करने से खुशखबरी मिलती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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