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Ekdant Sankashti Chaturthi 2026: एकदंत संकष्टी चतुर्थी कब है? नोट कर लें सटीक तारीख, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय समय

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : May 01, 2026 03:34 pm IST,  Updated : May 01, 2026 03:34 pm IST

Ekdant Sankashti Chaturthi 2026 Kab Hai: एकदंत संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन व्रत रखकर शुभ योग, पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय का विशेष महत्व है। जानिए एकदंत संकष्टी चतुर्थी व्रत 2026 की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय क्या रहेगा।

Ekdant Sankashti Chaturthi 2026- India TV Hindi
एकदंत संकष्टी चतुर्थी कब है Image Source : FILE IMAGE

Ekdant Sankashti Chaturthi 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व माना जाता है, जो भगवान गणेश को समर्पित होती है। मई 2026 में पड़ने वाली एकदंत संकष्टी चतुर्थी इस बार मंगलवार को आ रही है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से जीवन के संकट दूर होने की मान्यता है। तो चलिए जानते हैं एकदंत संकष्टी चतुर्थी 2026 की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय समय का समय क्या रहेगा। 

कब है एकदंत संकष्टी चतुर्थी 2026 

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 5 मई 2026 को सुबह 5:24 बजे शुरू होगी और 6 मई को सुबह 7:51 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि और चंद्रोदय के आधार पर व्रत 5 मई को रखा जाएगा। यह मई महीने की पहली संकष्टी चतुर्थी भी है।

अंगारकी चतुर्थी का विशेष महत्व

इस बार चतुर्थी मंगलवार को पड़ रही है, जिसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया व्रत और पूजा कई गुना अधिक फलदायी मानी जाती है और विशेष रूप से संकटों को दूर करने वाली होती है।

बन रहे हैं 2 शुभ योग

इस दिन शिव योग और सिद्ध योग का संयोग बन रहा है। शिव योग देर रात तक रहेगा, जो जप और तप के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इसके बाद सिद्ध योग शुरू होगा, जो सभी कार्यों की सफलता के लिए अनुकूल माना जाता है। साथ ही ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र का भी प्रभाव रहेगा।

पूजा और व्रत का शुभ मुहूर्त

व्रती सुबह ब्रह्म मुहूर्त 04:12 से 04:55 बजे में स्नान करके व्रत का संकल्प ले सकते हैं। गणेश पूजा का उत्तम समय सुबह 08:58 बजे से दोपहर 01:58 बजे तक रहेगा। इस दौरान लाभ और अमृत मुहूर्त भी बन रहे हैं, जो पूजा के लिए खास माने जाते हैं। अभिजीत मुहूर्त भी मध्याह्न में उपलब्ध रहेगा।

चंद्रोदय समय जान लें

संकष्टी चतुर्थी व्रत में चंद्रमा का दर्शन और अर्घ्य देना अनिवार्य होता है। 5 मई को चंद्रोदय रात 10:35 बजे होगा, जबकि चंद्रास्त अगले दिन सुबह 7:39 बजे होगा। चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत पूर्ण माना जाता है।

एकदंत संकष्टी चतुर्थी का महत्व

इस दिन भगवान गणेश के एकदंत स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि व्रत रखने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, परिवार में सुख-शांति आती है और करियर में भी सफलता मिलती है। यह व्रत बाधाओं को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा देने वाला माना जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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