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Ganga Dussehra 2025: गंगा दशहरा पर पितृ दोष से मुक्ति पाने का मौका, बस कर लें ये आसान उपाय

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Jun 03, 2025 01:04 pm IST,  Updated : Jun 03, 2025 01:04 pm IST

Ganga Dussehra 2025: गंगा दशहरा का त्योहार 5 जून को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा आराधना के साथ ही पितरों को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय भी आप कर सकते हैं।

Gunga Dussehra 2025- India TV Hindi
गंगा दशहरा 2025 Image Source : FILE IMAGE

Ganga Dussehra 2025: गंगा दशहरा का पावन पर्व साल 2025 में 5 जून को मनाया जाएगा। माना जाता है कि इसी दिन माता गंगा भगवान शिव की जटाओं से धरती पर उतरी थीं। गंगा दशहरा हर वर्ष ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। इस दिन गंगा नदी के घाटों पर भारी संख्या में भक्तों की भीड़ लगती है। माता गंगा की पूजा के साथ ही इस दिन कई तरह के उपाय भी भक्त करते हैं। साथ ही गंगा दशहरा के दिन को पितृ कृपा प्राप्ति के लिए भी बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि आपको गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पितरों की कृपा के लिए क्या उपाय करने चाहिए। 

गंगा दशहरा पर पितरों को प्रसन्न करने के उपाय 

तर्पण: गंगा दशहरा पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए आप कई उपाय कर सकते हैं। इन्हीं उपायों में से एक है पितरों का तर्पण। इस दिन आप गंगा नदी के तट पर जाकर जल में तिल, जौ, अक्षत मिलाकर अगर पितरों के निमित्त तर्पण करते हैं तो जीवन की कई समस्याओं से आपको मुक्ति मिल सकती है। इस उपाय को करने से पितृ दोष से भी आप मुक्ति पाते हैं। अगर आप गंगा नदी के तट पर न जाए पाएं तो घर में ही एक पात्र में पानी लेकर उसमें कुछ बूंदें गंगा जल मिलाकर भी तर्पण कर सकते हैं। 

दीपदान: गंगा दशहरा के दिन आपको पितरों के निमित्त दीपदान भी करना चाहिए। आप गंगा नदी में दीप प्रज्वलित करके प्रवाहित कर सकते हैं या फिर अपने घर के पास किसी शुद्ध जल वाले तलाब या नदी में भी आप यह कार्य कर सकते हैं। नदी तलाब न होने पर आप घर की दक्षिण दिशा में दीपक जला सकते हैं। 

दान: पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए आपको इस दिन यथासंभव दान भी करना चाहिए। आप अन्न, जल और फल के दान के साथ ही धन का दान भी कर सकते हैं। गंगा दशहरा पर किया गया दान पितरों की आत्मा को शांति देता है। सिर्फ यही नहीं इससे आपको पितृ दोष से भी मुक्ति प्राप्त होती है। 

ध्यान: पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए आप उनका ध्यान और पितरों से जुड़े मंत्रों का जप कर सकते हैं। इस दिन 'ॐ पितृ देवतायै नम:' या फिर 'ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्' मंत्र का कम से कम 108 बार जप आपको करना चाहिए। इससे आपको आत्मिक शांति मिलती है और आपके पितृ भी खुश होते हैं। 

जानवरों को खिलाएं अन्न और दाना: इस दिन आपको बेजुबान पशु-पक्षियों को अन्न और दाना खिलाना चाहिए। पक्षियों और मछलियों को दान खिलाने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही कुत्ता, कौआ और गाय को रोटी खिलाना भी इस दिन बेहद शुभ माना जाता है। जानवरों को भोजन करवाने से न केवल आपके पितृ प्रसन्न होते हैं बल्कि देवी-देवताओं का भी आपको आशीर्वाद मिलता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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