Chandra Grahan 2026: आज फाल्गुन पूर्णिमा के दिन इस साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह खग्रास चंद्र ग्रहण है। बता दें कि जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा क्रमशः एक ही सीध में होते हैं या चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाता है,तब चंद्र ग्रहण लगता है और अबकी बार चंद्रमा पूर्ण रूप से पृथ्वी की प्रच्छाया से ढका हुआ रहेगा। अतः यह खग्रास चंद्र ग्रहण होगा। हिंदू धर्म में सूर्य और चंद्र दोनों ग्रहण को अशुभ समय माना गया है। ग्रहण के दौरान शुभ और सभी तरह के मांगलिक कार्य करना पूरी तरह वर्जित होता है।
भारतीय समयानुसार इस चंद्र ग्रहण का स्पर्श काल आज दोपहर बाद 3 बजकर 20 मिनट पर होगा, जबकि इसका मोक्ष काल शाम 6 बजकर 47 मिनट पर होगा । अतः इस ग्रहण का कुल पर्वकाल 9 घंटा 15 मिनट का होगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल आज सुबह 6 बजकर 40 मिनट से ही शुरू होगा। आपको बता दें कि चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण प्रारंभ होने के 9 घंटे पहले लग जाता है। मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल के समय पृथ्वी का वातावरण दूषित होता है। सूतक के अशुभ दोषों से सुरक्षित रहने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र पर लगने वाला यह खग्रास रूप में यह ग्रहण पूर्वी यूरोप, एशिया आस्ट्रेलिया, उत्तरी एवं दक्षिणी-अमेरिका, प्रशांत महासागर अटलांटिक महासागर और हिंद महासागर में दिखेगा। पेरु, कनाडा, यूएसए, ताईवान, फिलीपींस, वियतनाम, इंडोनेशिया, हांगकांग, थाईलैण्ड, क्यूबा, चीन, कोरिया, जापान, भारत में पूर्वी भाग के कुछ खास क्षेत्रों में खग्रास रूप में दिखेगा।
भारत में चंद्र ग्रहण की दृश्यता क्षेत्र के अनुसार भिन्न-भिन्न होगी। पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी भारत के कुछ भागों से पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। भारत के अधिकांश भागों से आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा, जबकि पश्चिमी भारत में प्रच्छाया चंद्र ग्रहण दिखाई देगा, जहां चंद्रमा का उदय पूर्ण ग्रहण की समाप्ति के बाद होगा। नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, पटना, गुवाहाटी, इंफाल, शिलांग, कोहिमा और ईटानगर भारत के कुछ प्रमुख नगर हैं, जहां चंद्र ग्रहण विभिन्न अवस्थाओं में दिखाई देगा।
आंशिक चंद्र ग्रहण यूरोप, पश्चिमी एशिया, अफ्रीका, अटलान्टिक महासागर, हिंद महासागर और ध्रुवीय क्षेत्रों के कुछ भागों से भी दिखाई देगा। यह चंद्र ग्रहण मध्य अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों और समीपवर्ती भागों से दिखाई नहीं देगा, क्योंकि ग्रहण के समय वहां चंद्रमा क्षितिज के नीचे स्थित रहेगा। लीमा, न्यूयॉर्क, टोरंटो, सिडनी, मेलबर्न, लॉस एंजेल्स, सीएटल, वॉशिंगटन डीसी, सैन फ्रांसिस्को, टोक्यो और बीजिंग विश्व के कुछ प्रमुख नगर हैं, जहां पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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