Saturday, May 04, 2024
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Mars Transit In Pisces: मंगल करेंगे मित्र राशि मीन में गोचर, सुधरेंगे इन राशियों के हालात, बनेगी बिगड़ी बात

Mars Transit In Pisces: मंगल ग्रह 23 अप्रैल को अपने मित्र गुरु की राशि मीन में संचार करने वाले हैं। मंगल का यह गोचर सभी राशियों के लिए कैसा रहने वाला है, लेख में जानें विस्तार से।

Written By : Acharya Indu Prakash Edited By : Naveen Khantwal Updated on: April 20, 2024 20:06 IST
Mars Transit - India TV Hindi
Image Source : INDIA TV Mars Transit

मंगल ग्रह 23 अप्रैल को 8 बजकर 39 मिनट पर मीन राशि में प्रवेश करेंगे और 1 तक मीन राशि में ही गोचर करते रहेंगे, उसके बाद मेष राशि में प्रवेश कर जायेंगे। मंगल नवग्रहों में से एक है। मंगल ग्रह को संस्कृत में अंगारक कहा जाता है। इनकी प्रकृति तमस गुण वाली है। साथ ही यह युद्ध के देवता हैं और ब्रह्मचारी भी हैं। मंगल को भौम यानि भूमि का पुत्र भी कहा जाता है। मंगल ग्रह मंगलकर्ता, दुखहर्ता, ऋणहर्ता व कल्याणकारी है। यह ऊर्जावान कार्रवाई, आत्मविश्वास और अहंकार का प्रतिनिधित्व करता हैं। मंगल के मीन राशि में इस गोचर से विभिन्न राशि वाले लोगों पर क्या प्रभाव होंगे, मंगल आपकी जन्मपत्रिका में किस स्थान पर गोचर करेंगे, साथ ही मंगल की शुभ स्थिति के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए और अशुभ फलों से बचने के लिए आपको क्या उपाय करने चाहिए, अब हम इस सबकी चर्चा करेंगे।

 

मेष राशि- वालों मंगल आपके बारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान का सम्बन्ध आपके व्यय तथा शय्या सुख से है । मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपको शय्या सुख मिलेगा। आपको शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है। यहां ये भी बता दूं कि किसी की जन्मपत्रिका के पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें स्थान पर मंगल हो तो जातक मांगलिक कहलाता है। अतः मेष राशि वालों को मंगल का यह गोचर 1 जून तक के लिये अस्थायी रूप से मांगलिक दर्शायेगा और अगर आप विवाहित हैं, तो आपको खास ध्यान देना चाहिए कि क्या आपके जीवनसाथी की जन्मपत्रिका में मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है। अगर ऐसा है तो ठीक अन्यथा सतर्क होकर इस गोचर के उपाय आपको जरूर करना चाहिए। लिहाजा 1 जून तक मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए- खाकी रंग की टोपी या पगड़ी से अपना सिर ढक्कर रखें। 

वृष राशि- वालों मंगल आपके ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान का सम्बन्ध हमारे आय तथा इच्छाओं की पूर्ति से होता है । मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आध्यात्मिक विचारों के प्रति आपकी आस्था बढ़ेगी। आप न्याय के प्रति अपनी आवाज उठायेंगे। आपकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी। पशुपालन के काम से जुड़े लोगों और व्यापारी वर्ग को अधिक लाभ मिलेगा। लिहाजा इस दौरान अपनी चीज़ों में लाभ सुनिश्चित करने के लिये- तिल के लड्डू या तिल मंदिर में दान करें। 

मिथुन राशि- वालों मंगल आपके दसवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के दसवें स्थान का सम्बन्ध हमारे करियर, राज्य तथा पिता से होता है। मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपके परिवार में धन की बढ़ोतरी होगी । साथ ही इस दौरान आपको संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है। करियर में आपको सफलता मिलेगी। साथ ही आपके पिता की भी उन्नति होगी। लिहाजा 1 जून तक मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये -चूल्हे पर दूध उबालते समय ध्यान रखें कि दूध उबलकर बर्तन से बाहर न गिरे।

कर्क राशि- वालों मंगल आपके नवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के नौवें स्थान का सम्बन्ध हमारे भाग्य से होता है । मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपके भाग्योदय में थोड़ी रुकावटें आयेगी । इस दौरान भगवान के प्रति आपका ध्यान थोड़ा कम ही रहेगा। इस दौरान आपको हर तरह के सुख-साधन पाने के लिये थोड़ी अधिक मेहनत करनी होगा। लिहाजा 1 जून तक मंगल के अशुभ फलों से बचने के लिये- बड़े भाई या बड़े भाई जैसे लोगों का सम्मान करें। 

सिंह राशि- वालों मंगल आपके आठवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के आठवें स्थान का सम्बन्ध हमरे आयु से है। मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपको धन पाने के लिए कोशिशें करनी पड़ेगी। इसके अलावा आपको बता दूं कि - जन्मपत्रिका में पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें स्थान पर मंगल के गोचर से जातक अस्थायी रूप से मांगलिक कहलाता है, यानि सिंह राशि वालों आपके आठवें स्थान पर मंगल के इस गोचर से आप 1 जून तक अस्थायी रूप से मांगलिक कहलायेंगे। ऐसे में अगर आप विवाहित हैं, तो आपको इस बात पर विशेष ध्यान देना चाहिए कि क्या आपके जीवनसाथी की जन्मपत्रिका में भी मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें स्थान पर जा रहा है। अगर हां तो ठीक है, अन्यथा मंगल के इस गोचर के उपाय आपको जरूर करने चाहिए । तो मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- किसी जरूरतमंद को खाना खिलाएं।

कन्या राशि- वालों मंगल आपके सातवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के सातवें स्थान का सम्बन्ध हमारे जीवनसाथी से है । मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपकी गणित विषय में रुचि बढ़ेगी । धार्मिक कार्यों में आपका मन लगेगा।  साथ ही जीवनसाथी का पूरा-पूरा सहयोग मिलेगा। यहां एक बार फिर से बता दूं कि - जन्मपत्रिका में पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें स्थान पर मंगल के गोचर से जातक अस्थायी रूप से मांगलिक कहलाता है, यानि कन्या राशि वालों आपके सातवें स्थान पर मंगल के इस गोचर से आप 1 जून तक मांगलिक कहलायेंगे और ऐसे में अगर आप विवाहित हैं, तो आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि क्या आपके जीवनसाथी की जन्मपत्रिका में भी मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है।अगर हां तो ठीक है, अन्यथा मंगल के इस गोचर के उपाय आपको जरूर करने चाहिए। लिहाजा मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- अपनी बुआ या बहन को लाल रंग के कपड़े गिफ्ट करें और उनका आशीर्वाद लें। 

तुला राशि- वालों मंगल आपके छठे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के छठे स्थान का सम्बन्ध हमारे मित्र, शत्रु तथा स्वास्थ्य से है। मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपके स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा । इस दौरान आपको अपने शत्रुओं से बचकर रहना चाहिए। मित्रों की संख्या में वृद्धि होगी । लिहाजा 1 जून तक अपने आर्थिक पक्ष को मजबूत करने के लिए-किसी कन्या को कुछ गिफ्ट करें और उसका आशीर्वाद लें। 

वृश्चिक राशि- वालों मंगल आपके पांचवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के पांचवे स्थान का सम्बन्ध हमारे संतान, बुद्धि, विवेक और रोमांस से है। मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपको मेहनत के बल पर विद्या का लाभ मिलेगा।  संतान से आपके रिश्ते बेहतर होंगे। आपके करियर को एक बेहतर दिशा मिलेगी। आपको गुरजनों का पूरा सहयोग मिलेगा और पढ़ाई-लिखाई में आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आपका विवेक बना रहेगा। अत: 1 जून तक मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- रात को सोते समय अपने सिरहाने पर पानी रखकर सोएं और अगले दिन उस पानी को किसी पेड़-पौधे की जड़ में डाल दें। 

धनु राशि- वालों मंगल आपके चौथे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के चौथे स्थान का सम्बन्ध हमारे भवन, भूमि, वाहन तथा माता से है। मंगल के इस गोचर से आपको भूमि-भवन और वाहन का सुख मिलेगा। साथ ही माता से भी पूरा-पूरा सहयोग प्राप्त होगा। लेकिन यहां आपको एक बात जरूर बता दूं कि जन्मपत्रिका में पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें स्थान पर मंगल का गोचर जातक को अस्थायी रूप से मांगलिक बनाता है। अतः धनु राशि वालों चौथे स्थान पर मंगल का यह गोचर आपको 1 जून तक के लिये अस्थायी रूप से मांगलिक प्रभाव देगा। ऐसे में अगर आप शादी-शुदा हैं, तो आपको इस बात पर ध्यान

देने की जरूरत है कि क्या आपके जीवनसाथी की कुंडली में भी मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है। अगर हां तो ठीक है, अन्यथा सतर्क होकर आपको मंगल के इस गोचर के उपाय जरूर करने चाहिए। तो 1 जून तक मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- दूध में थोड़ा-सा मीठा डालकर बरगद के पेड़ की जड़ में डालें और दूध डालने से जो मिट्टी गिली हो, उससे अपने माथे पर तिलक लगाएं। 

मकर राशि- वालों मंगल आपके तीसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान का सम्बन्ध हमारे पराक्रम, भाई-बहन तथा यश से है । मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपको अपने जीवन में संघर्ष करना पड़ सकता है । भाई-बहनों से मदद पाने में भी थोड़ी देर हो सकती है। इस दौरन आप अपनी बात को दूसरों के सामने अच्छे से नहीं रख पायेंगे । आपके स्वास्थ्य में भी कुछ उतार-चढ़ाव हो सकते हैं लिहाजा 1 जून तक मंगल के अशुभ फलों से बचने के लिये- एक चॉकलेटी रंग का कपड़ा लेकर किसी नाई, दर्जी या अपने बड़े भाई को गिफ्ट कर दें। 

कुंभ राशि- वालों मंगल आपके दूसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान का सम्बन्ध हमारे धन तथा स्वभाव से है। मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपको आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा । ससुराल पक्ष से भी धन लाभ होने के संकेत हैं । साथ ही आपके पास अन्न की कभी कमी नहीं होगी । बड़े भाईयों से आपका प्रेम भाव बना रहेगा। परिवार के बाकी सदस्यों के साथ भी अच्छा तालमेल रहेगा । लिहाजा 1 जून तक मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- धार्मिक कार्यों में अपना सहयोग दें । साथ ही भाईयों की भी हर संभव मदद करें।

मीन राशि- वालों मंगल आपके पहले यानि लग्न स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में लग्न यानि पहले स्थान का सम्बन्ध हमारे शरीर तथा मुख से है।  मंगल के इस गोचर से आपको भरपूर यश-सम्मान मिलेगा इसके अलावा आपको बता दूं कि जन्मपत्रिका में पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें स्थान पर मंगल का गोचर जातक को अस्थायी रूप से मांगलिक बना देता है। अतः आपके पहले स्थान पर मंगल का यह गोचर 1 जून तक के लिये आपको अस्थायी रूप से मांगलिक बना देगा। ऐसे में अगर आप विवाहित हैं, तो आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि क्या आपके जीवनसाथी की जन्मपत्रिका में भी मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है। अगर हां तो ठीक है, वरन् सतर्क होकर आपको इस गोचर के उपाय जरूर करने चाहिए। लिहाजा मंगल के अशुभ फलों से बचने के लिये- मंदिर में मसूर की दाल से बनी कोई चीज़ दान करें या केवल मसूर की दाल दान करें। 

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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