Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या के दिन को 2025 में बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान भी है, और वर्षों बाद इस दिन सूर्य-बुध और चंद्रमा मकर राशि में त्रिग्रही योग बानएंगे। इसलिए मौनी अमावस्या के दिन भगवान की पूजा के साथ ही दान-पुण्य और मंत्रों का जप करने से भी आपको महापुण्य की प्राप्ति होगी। इस दिन माता लक्ष्मी के कुछ मंत्रों का जप करने से आपको जीवन में धन-धान्य की प्राप्ति हो सकती है। साथ ही पारिवारिक खुशियों के लिए भी महालक्ष्मी के मंत्रों का जप बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। आज हम आपको महालक्ष्मी माता के कुछ ऐसे ही मंत्रों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आप मौनी अमावस्या के दिन जपने से लाभ पा सकते हैं।
यह मंत्र भरेगा धन से तिजोरी
या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी।
या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी॥
या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी।
सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती ॥
माता लक्ष्मी के इस मंत्र का अगर आप श्रद्धापूर्वक मौनी अमावस्या के दिन जप करते हैं, तो धन से आपकी तिजोरी भर जाती है। हालांकि, मौनी अमावस्या से शुरू करके कम से कम 11 दिनों तक इस मंत्र का आपको निरंतर जप करना चाहिए।
यह मंत्र कर्ज से दिलाएगा मुक्ति
ऊँ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:।
अगर आप कर्ज में डुबे हुए हैं, चाहकर भी कर्ज से मुक्ति नहीं पा रहे हैं तो ऊपर दिए गए मंत्र का जप आपको मौनी अमावस्या के दिन करना चाहिए। यह मंत्र बड़े से बड़े कर्ज से आपको मुक्ति दिला सकता है।
मनोवांछित फलों की प्राप्ति के लिए करें ये मंत्र
श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा।
माता महालक्ष्मी का यह मंत्र आपकी सभी मनोकामनाओं को पूरा कर सकता है। इस मंत्र का जप आपको मौनी अमावस्या के दिन अवश्य करना चाहिए। सूर्योदय के समय और प्रदोष काल के वक्त इस मंत्र का जप करने से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद आपको प्राप्त होगा।
ये मंत्र भी हैं लाभकारी
इन मंत्रों का जप करने के साथ ही कनकधारा स्तोत्र का पाठ करने से भी इस दिन आपको लाभ मिलता है। माना जाता है कि, कनकधारा स्तोत्र का पाठ करने से माता लक्ष्मी बहुत जल्दी प्रसन्न होती हैं और कृपा बरसती है। वहीं मौनी अमावस्या के दिन नीचे दिए गए मंत्रों का जप करने से भी आपको लभा प्राप्त होगा।
- ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः।
- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:।
- ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः।
- ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्यः सुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ॐ।
- आदि लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु परब्रह्म स्वरूपिणि। यशो देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)