1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Pitru Paksha 2023: 29 सितंबर से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध पक्ष, पितरों को कैसे देना चाहिए तर्पण? जानिए पितृ पक्ष से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें

Pitru Paksha 2023: 29 सितंबर से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध पक्ष, पितरों को कैसे देना चाहिए तर्पण? जानिए पितृ पक्ष से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें

 Published : Sep 28, 2023 11:00 am IST,  Updated : Sep 28, 2023 11:24 am IST

Pitru Paksha 2023: पितृ पक्ष के दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है। मान्यताओं के मुताबिक, पितृ पक्ष में पितरों के तर्पण और श्राद्ध कर्म करने से उनको मोक्ष की प्राप्ति होती है। आइए ज्योतिषि चिराग बेजान दारूवाला से जानते हैं कि पितरों का तर्पण कैसे करना चाहिए।

Pitru Paksha 2023- India TV Hindi
Pitru Paksha 2023 Image Source : INDIA TV

 

पितृ पक्ष पितरों को समर्पित है। इस दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है। पंचांग का पितृ पक्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से प्रारंभ होकर आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की स्थापना तिथि के अनुसार समाप्त होता है। हिंदू धर्म में पितृपक्ष यानी श्राद्ध का विशेष महत्व है। पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करके उसका श्राद्ध कर्म हो किया जाता है। पितृ पक्ष में पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दौरान न केवल पितरों की मुक्ति के लिए उनका श्राद्ध किया जाता है, बल्कि उनके प्रति सम्मान भी व्यक्त किया जाता है। पितृ पक्ष में श्रद्धा अम्बे ने अपने पितृ पक्ष के लिए जल विधान बताया है। ऐसे में जानिए तर्पण विधि, नियम, सामग्री और मंत्र के बारे में.

पितृ पक्ष 2023 कब शुरू हो रहा है और कब खत्म होगा

इस वर्ष पितृ पक्ष 29 सितंबर 2023, शुक्रवार से प्रारंभ हो रहा है। इस दिन पूर्णिमा श्राद्ध और प्रतिपदा श्राद्ध है। पितृ पक्ष का समापन 14 अक्टूबर, शनिवार को होगा। पंचांग के अनुसार भाद्रपद पूर्णिमा 29 सितंबर को दोपहर 03:26 बजे तक है और उसके बाद आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी, जो 30 सितंबर को दोपहर 12:21 बजे तक है।

पितृ पक्ष में तर्पण विधि

  • पितृ पक्ष के समय प्रतिदिन पितरों को तर्पण देना चाहिए।
  • तर्पण में अक्षत,  कुश, जौ और काले तिल का प्रयोग करना चाहिए।
  • तर्पण करने के बाद पितरों का तर्पण कर क्षमा प्रार्थना करें।
  • पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध करने वाले लोगों को ये सावधानियां बरतनी चाहिए
  • पितृ पक्ष के दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए जो भी श्राद्ध कर्म किए जाते हैं।
  • पितृ पक्ष के दौरान बाल नहीं कटवाने चाहिए।
  • पितृ पक्ष के दौरान घर में सात्विक भोजन ही बनाना चाहिए।
  • तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।

पितृ पक्ष के दौरान करें ये उपाय

  • शास्त्रों में ज्ञात है कि पितृ पक्ष में स्नान, दान और तर्पण आदि का विशेष महत्व होता है।
  • इस दौरान श्राद्ध कर्म या पिंडदान आदि किसी जानकार व्यक्ति से ही कराना चाहिए।
  • साथ ही किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन, धन या वस्त्र का दान करें। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
  • पितृ पक्ष में पूर्वजों की मृत्यु की तिथि के अनुसार श्राद्ध कर्म या पिंडदान किया जाता है।
  • यदि किसी व्यक्ति को अपने पूर्वजों की मृत्यु की तिथि याद नहीं है तो वह आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन यह अनुष्ठान कर सकता है। ऐसा करने से भी पूर्ण फल प्राप्त होता है।

पितरों के श्राद्ध की तिथि मालूम न हो तो क्या करें?

अगर आपको अपने पूर्वजों की मृत्यु की तारीख नहीं पता है तो आप अपने सभी पूर्वजों की मृत्यु की तारीख उनके नाम से श्राद्ध कर सकते हैं। इस दिन सभी के नाम से श्राद्ध किया जाता है। कहा जाता है कि सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश करते ही सभी पितर पितृलोक से बाहर आ जाते हैं। वे अपने वंशजों के पास जाते हैं। वे भूखे-प्यासे हैं और अपने वंशजों से भोजन और पानी पाने की आशा रखते हैं। निराश हो जाते हैं तो श्राप देकर वापस चले जाते हैं। 

पितृ पक्ष में तिथि का महत्व

जब पितृ पक्ष प्रारंभ होता है तो प्रत्येक दिन की एक तिथि होती है। तिथि के अनुसार ही श्राद्ध करने का नियम है। उदाहरण के लिए, इस वर्ष द्वितीया श्राद्ध 30 सितंबर को है यानी पितृ पक्ष में श्राद्ध की द्वितीया तिथि है। जिन लोगों के पूर्वजों की मृत्यु किसी भी महीने की द्वितीया तिथि को होती है, वे पितृ पक्ष के दूसरे दिन अपने पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं। इसी प्रकार पूर्वज की मृत्यु भी माह और पक्ष की नवमी तिथि को होगी। वे पितृ पक्ष की नवमी श्राद्ध के लिए तर्पण, पिंडदान आदि की कामना करते हैं।

पितृ पक्ष 2023 श्राद्ध की सभी तिथियां

  • पूर्णिमा श्राद्ध- 29 सितंबर 2023
  • प्रतिपदा का श्राद्ध - 29 सितंबर 2023
  • द्वितीया श्राद्ध तिथि- 30 सितंबर 2023
  • तृतीया तिथि का श्राद्ध- 1 अक्टूबर 2023
  • चतुर्थी तिथि श्राद्ध- 2 अक्टूबर 2023
  • पंचमी तिथि श्राद्ध- 3 अक्टूबर 2023
  • षष्ठी तिथि का श्राद्ध- 4 अक्टूबर 2023
  • सप्तमी तिथि का श्राद्ध- 5 अक्टूबर 2023
  • अष्टमी तिथि का श्राद्ध- 6 अक्टूबर 2023
  • नवमी तिथि का श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2023
  • दशमी तिथि का श्राद्ध- 8 अक्टूबर 2023
  • एकादशी तिथि का श्राद्ध- 9 अक्टूबर 2023
  • माघ तिथि का श्राद्ध- 10 अक्टूबर 2023
  • द्वादशी तिथि का श्राद्ध- 11 अक्टूबर 2023
  • त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध- 12 अक्टूबर 2023
  • चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध- 13 अक्टूबर 2023
  • सर्वपितृ मोक्ष श्राद्ध तिथि- 14 अक्टूबर 2023

(ज्योतिषी चिराग दारूवाला विशेषज्ञ ज्योतिषी बेजान दारूवाला के पुत्र हैं। उन्हें प्रेम, वित्त, करियर, स्वास्थ्य और व्यवसाय पर विस्तृत ज्योतिषीय भविष्यवाणियों के लिए जाना जाता है।)

ये भी पढ़ें-

Weekly Health Horoscope 25th September to 1st October 2023: इस हफ्ते इन 4 राशियों को अपनी सेहत का रखना होगा खास ध्यान, जानिए अपने स्वास्थ्य का हाल

Weekly love Horoscope 25th September to 1st October 2023: वैवाहिक और लव लाइफ के लिए कैसा रहेगा यह सप्ताह, पढ़ें लव राशिफल

इन राशियों के लिए उन्नति और खुशियों की सौगात लेकर आ रहा है नया सप्ताह, जानिए आपकी किस्मत में क्या लिखा है?

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।