नवरात्रि के 9 दिनों में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि वह समय होता है जब हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोग सात्विक और भक्तिमय जीवन जीते हैं। इस दौरान माता की पूजा के साथ ही कई तरह के उपाय करना भी शुभ माना जाता है। ऐसे में आज हम आपको नवरात्रि में किए जाने वाले कुछ ऐसे उपायों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जो राहु-केतु के बुरे प्रभाव को कम करते हैं। इन उपायों को करने से आपके जीवन की बाधाओं का भी अंत होता है।
राहु-केतु का प्रभाव
कुंडली में राहु-केतु की खराब स्थिति व्यक्ति को भ्रमित करती है। ऐसे लोग अक्सर गलत फैसले लेकर अपना जीवन खराब कर सकते हैं। इसके साथ ही राहु-केतु के बुरे प्रभाव के कारण बनते काम भी बिगड़ते हैं और पारिवारिक जीवन में भी परेशानियों का सामना आपको करना पड़ता है। ऐसे में राहु-केतु की स्थिति को सुधारने के लिए नवरात्रि में नीचे दिए गए उपाय आप कर सकते हैं।
नवरात्रि में करें राहु-केतु के ये उपाय
- राहु और केतु के बुरे प्रभाव को दूर करने के लिए नवरात्रि के दौरान आपको दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए।
- नवरात्रि के दौरान आपको चांदी का एक हाथी घर लाना चाहिए और इसे पूजा स्थल या तिजोरी में स्थापित करना चाहिए। नवरात्रि में हाथी की मूर्ति की स्थापना कर प्रतिदिन इसके दर्शन करने चाहिए। माना जाता है कि इस आसान से उपाय को करने से राहु-केतु के सभी बुरे प्रभाव दूर हो जाते हैं।
- नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान अगर आप कुत्तों और कोवों को रोटी खिलाते हैं तो इससे भी राहु-केतु आपको अच्छे फल प्रदान करने लगते हैं।
- नवरात्रि में शुभ मुहूर्त देखकर गोमेद रत्न को धारण करने से राहु सुधरने लगता है। हालांकि, यह रत्न बिना ज्योतिषीय सलाह के आपको धारण नहीं करना चाहिए।
- नवरात्रि के दौरान अगर आप किसी नदी में नारियल प्रवाहित करते हैं तो इससे भी दोनों पाप ग्रहों का दुष्प्रभाव दूर होने लगता है।
- नवरात्रि में माता दुर्गा के नौ रूपों के साथ ही भगवान शिव की पूजा करने से भी राहु-केतु सुधर जाते हैं।
ऊपर बताए गए उपायों में से अगर आप कुछ उपाय भी कर लेते हैं तो आपको राहु-केतु के बुरे असर से छुटकारा मिल सकता है। यह उपाय नवरात्रि के दौरान करने से इनके शुभ फल आपको अतिशीघ्र मिलने शुरू हो सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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