Rahu Mahadasha: राहु ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में भौतिक इच्छाओं, अचानक होने वाले हानि-लाभ, भ्रम, छल, राजनीति आदि का कारक माना जाता है। इस ग्रह की जब भी महादशा चलती है तो चुनौतियां जीवन में आ सकती हैं। हालांकि कुछ ग्रहों की अंतर्दशा राहु ग्रह की महादशा के साथ शुभ मानी जाती है। ये ग्रह कौन-कौन से हैं और राहु के साथ इनकी अंतर्दशा होने पर कैसे प्रभाव व्यक्ति को जीवन में प्राप्त होते हैं, आइए जानते हैं।
राहु की महादशा के साथ शुक्र की अंतर्दशा
राहु और शुक्र को आपस में मित्र ग्रह माना जाता है। ये दोनों ही भौतिक सुख-सुविधाएं प्रदान करते हैं। इसलिए राहु-शुक्र की दशा के दौरान अचानक से बड़ा धन लाभ व्यक्ति को मिल सकता है। साथ ही तकनीकी क्षेत्रों में भी व्यक्ति ऊंचाइयों को छूता है। राहु-शुक्र की दशा के दौरान रचनात्मक कार्यों में भी अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं और वैवाहिक जीवन भी सुखद रहता है। इस दौरान व्यक्ति सुख-सविधाओं पर खुब धन खर्च कर सकता है।
राहु की महादशा के साथ बुध की अंतर्दशा
राहु की महादशा में बुध की अंतर्दशा को भी शुभ माना जाता है। बुध कारोबार के कारक ग्रह हैं इसलिए राहु के साथ जब ये अंतर्दशा में होते हैं तो व्यापार में सफलता प्राप्त हो सकती है। राहु-बुध की दशा के दौरान तार्किक क्षमता भी अच्छी होती है और बौद्धिक विकास होता है। इस दशा के दौरान लोगों को तकनीकी क्षेत्रों में बड़ी सफलता मिलने के योग रहते हैं और साथ ही नई भाषाएं व्यक्ति सीख सकता है।
राहु की महादशा के साथ गुरु की अंतर्दशा
राहु और गुरु भले ही मित्रतापूर्ण संबंध न रखते हों लेकिन राहु की महादशा में गुरु की अंतर्दशा शुभ मानी जाती है। इस दशा में व्यक्ति के ज्ञान में वृद्धि देखने को मिलती है, यात्राओं से लाभ प्राप्त हो सकता है और साथ ही अचानक से धन लाभ के योग भी बनते हैं। भाग्य इस दशा के दौरान साथ देता है और अटके कार्य बन सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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