ज्योतिष शास्त्र में राशि के स्वामी को बाकी सभी ग्रहों में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। अगर आपकी राशि का स्वामी सक्रिय और जागृत हो जाए तो आपको जीवन के हर क्षेत्र में आपको सफलता दिला सकता है। वहीं राशि स्वामी के जागृत न होने पर आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि सावन के पवित्र महीने में कैसे आप राशि के स्वामी को जागृत कर सकते हैं, और हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
मेष और वृश्चिक राशि
इन दोनों राशियों के स्वामी ग्रह मंगल हैं। मंगल ग्रह के शुभ परिणाम पाने के लिए इन राशि वालों को सावन में बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित करने चाहिए। इसके साथ ही दूध में शहद मिलाकर भी आप शिवलिंग पर अर्पित कर सकते हैं।
वृषभ और तुला राशि
इन दोनों राशियों के स्वामी ग्रह शुक्र हैं। सावन के महीने में इन दोनों ही राशियों को दूध,दही या गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को सामर्थ्य के अनुसार अगर आप धन का दान करते हैं तो आपके राशि के स्वामी शुक्र जागृत हो आपको शुभ परिणाम देने लग जाते हैं।
मिथुन और कन्या राशि
इन राशि वालों को सावन के माह में बेलपत्र, धतुरा और पुष्प से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। साथ ही सावन के माह में गाय को भी हरा चारा आप खिला सकते हैं। सावन में ये उपाय करने से आपकी राशि के स्वामी बुध आपको सुखद परिणाम देने लगते हैं।
कर्क राशि
आपको सावन के महीने में अपनी राशि के स्वामी चंद्रमा को जागृत करने के लिए शिवलिंग पर गंगाजल और मिश्री अर्पित करनी चाहिए।
सिंह राशि
सावन के महीने में अगर आप गुड़ का दान करते हैं और शिवलिंग पर देसी घी अर्पित करते हैं तो आपकी राशि के स्वामी सूर्य प्रसन्न हो आपको शुभ फल प्रदान करते हैं।
धनु और मीन राशि
मीन और धनु राशि वालों को राशि स्वामी बृहस्पति को जागृत करने के लिए सावन के महीने में पील पुष्प शिवलिंग पर चढ़ाने चाहिए। इसके साथ ही केसर भी आप शिव जी को अर्पित कर सकते हैं।
मकर और कुंभ राशि
शनि के स्वामित्व वाली इन दोनों ही राशि यों को सावन के महीने में शिवलिंग पर नारियल के जल से अभिषेक करना चाहिए। साथ ही भस्म से भी आप शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं। ऐसा करने से शनि ग्रह आपको सुखद फल प्रदान कर सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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