Vastu Rules for Plants: घर में पौधे लगाना न केवल सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि यह आपकी किस्मत भी बदल सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर दिशा की अपनी ऊर्जा होती है और सही दिशा में लगाया गया पौधा घर में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आता है। लेकिन अगर पौधा गलत दिशा में लगाया जाए, तो इसके उल्टे प्रभाव भी हो सकते हैं।
अगली बार जब भी पौधे लगाएं, तो दिशा का ध्यान जरूर रखें, क्योंकि सही दिशा में लगाया पौधा भाग्य बदल सकता है, तो वहीं पौधे की गलत दिशा दुर्भाग्य का कारण भी बन सकती है। यहां जानिए कौन-सा पौधा किस दिशा में लगाना अच्छा होता है और किन पौधों से हमें दूरी बनाकर रखना चाहिए।
उत्तर दिशा: धन और समृद्धि के लिए
उत्तर दिशा को कुबेर देव की दिशा माना जाता है। इस दिशा में मनी प्लांट, तुलसी या शंखपुष्पी का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। हरे रंग के गमले में मनी प्लांट लगाने से धन का प्रवाह बढ़ता है और रुका हुआ पैसा वापस आने की संभावना बनती है। तुलसी को अगर उत्तर-पूर्व दिशा में रखा जाए, तो यह नेगेटिविटी को दूर करती है।
पूर्व दिशा: स्वास्थ्य और तरक्की के लिए
पूर्व दिशा सूर्य देव की दिशा है, जो ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। इस दिशा में तुलसी या बांस (Bamboo) का पौधा लगाना अत्यंत शुभ होता है। बांस को लंबी उम्र और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। वही, इस दिशा में कभी सूखे या मुरझाए पौधे न रखें, इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है।
दक्षिण दिशा: शनि कृपा और सुरक्षा के लिए
दक्षिण दिशा यम की मानी जाती है, लेकिन सही पौधा लगाने से यह दिशा शुभ फल देती है। इस दिशा में शमी का पौधा लगाना लाभदायक बताया गया है। इससे शनि की कृपा मिलती है और नेगेटिविटी दूर रहती है। वास्तु के अनुसार, इस दिशा में कांटेदार पौधे या कैक्टस नहीं लगाने चाहिए, क्योंकि ये तनाव और कलह बढ़ाते हैं। इसके बजाय रबर प्लांट या अशोक का पौधा भी लगा सकते हैं।
पश्चिम दिशा: रिश्तों में मिठास के लिए
पश्चिम दिशा रिश्तों और सामाजिक जीवन की दिशा मानी जाती है। वास्तु के अनुसार, इस दिशा में गुलाब, गेंदा या चमेली जैसे सुगंधित पौधे लगाना बहुत शुभ होता है। इनकी खुशबू से घर में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है। अगर दांपत्य जीवन में तनाव है, तो इस दिशा में मनी प्लांट रखना बहुत फायदेमंद होता है। यह रिश्तों में मिठास लाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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