वेस्ट ज़ोन की अंडर 16 टीम में सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को लेने के फ़ैसले को सही बताते हुए स्कूली क्रिकेट में 1,009 रन का रिकॉर्ड बनाने वाले प्रणव धनावड़े ने कहा कि उनके रिकॉर्ड के पहले ही स्टेट की टीम का सिलेक्शन हो गया था और उनका प्रदर्शन इस पारी के पहले ठीक नहीं था।
ग़ौरतलब है कि स्टेस टीम में प्रणव को नहीं लिये जाने को लेकर सोशल मीडिया में जमकर बहस हो रही है और कहा जा रहा है कि अर्जुन का चयन इसलिए हो गया क्योंकि वह सचिन के बेटे हैं।
मेरा परफॉर्मेंस ख़राब था
प्रणव धनावड़े का कहना है कि पश्चिमी क्षेत्र की टीम का चुनाव मुंबई और स्टेट के मैचों में प्रदर्शन के आधार पर होता है लेकिन परफॉर्मेंस ख़राब होने की वजह से उन्हें कुछ मैचों के लिए नहीं चुना गया था जबकि 'अर्जुन स्टेट के सभी मैच में अच्छा खेले थे इसलिए वेस्ट ज़ोन टीम में उन्हें चुना गया है। वह बहुत मेहनती खिलाड़ी हैं. वो अपनी मेहनत के दम पर चुने गए हैं और वह (प्रणव) चाहते हैं कि मीडिया में सिलेक्शन को लेकर चल रही बहस ख़त्म हो।
प्रणव ने कहा कि उन्होंने अर्जुन को सलेक्शन के लिए बधाई भी दी थी। प्रणव ने कहा कि अब उन्हें अंडर 19 टीम में चयन होने की उम्मीद है।''
प्रणव मुंबई नहीं खेला था तो ज़ोनल के लिए कैसे चुना जाता?
वहीं प्रणव धनावडे के पिता प्रशांत धनावडे ने कहा कि अर्जुन तेंदुलकर और प्रणव को लेकर मीडिया में ग़लत ख़बर फैलाई जा रही हैं। अर्जुन का चुनाव उनके खेल और टैलेंट के हिसाब से बिलकुल सही हुआ है। प्रणव मुंबई नहीं खेला था तो ज़ोनल के लिए कैसे चुना जाता?
रणव धनावड़े ने स्कूली क्रिकेट में 1,009 रन की अपनी पारी खेलकर देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हो गए थे। उनकी उस पारी के लिए सचिन तेंदुलकर समेत देश और दुनिया के कई मशहूर क्रिकेटरों ने उन्हें बधाई भी दी थी।