धर्मशाला: ऑस्ट्रेलिया के तेज़ गेंदबाज़ जोश हैज़लवुड ने आज दावा किया पैट कमिंस की तेज़ रफ़्तार से डरकर भारत यहां रांची से अलग विकेट बनाने का जोख़िम नही लेगा जहां 1250 रन बने थे और सिर्फ 16 विकेट गिरे थे। पिट क्यूरेटर ने हालंकि दावा किया है कि धर्मशाला के विकेट में पेस और बाउंस होगा लेकिन हैज़लवुड इससे सहमत नही हैं।
आपको बता दें कि छह साल के बाद टेस्ट खेल रहे कमिंस को फिटनेस के मामल में परी झंडी मिल गई है। उनका दिल्ली में स्कैन हुआ था और रिपोर्ट अच्छी आई है। घायल मिचल स्टार्क की जगह टीम में आए कमिंस ने रांची में 39 ओवर किए थे। उनका अक्सर घायल होने का इतिहास रहा है।
भारत और आस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सिरीज़ का चौथा और आख़िरी निर्णायक मैच शनिवार से यहां शुरु हो रहा है। चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं। दोनों टीमों के लिए शनिवार से शुरू होने वाले टेस्ट निर्णायक होगा।
हैज़लवुड ने कहा, "मैं तेज और उछाल भरी पिच देखना पसंद करूंगा। लेकिन यही बात उन्होंने पुणे के लिए की थी जो हमें वहां मिली नहीं। मुझे लगता है कि रांची में जिस तरह उन्होंने पैट कमिंस को गेंदबाज़ी करते हुए देखा था, उसे देखकर मुझे नहीं लगता कि वह वहां से तेज़ पिच बनाएंगे। ऐसा होता है तो हमें लगेगा की हम घर में खेल रहे हैं। मुझे लगता है कि रांची के सपाट विकेट पर उसने जिस तरह से बॉलिंग की उससे सभी भौचक्के रह गए। वह एक ख़ास खिलाड़ी है, इस तरह के विकेट पर ब्रेकथ्रू के लिए आपको अतिरिक्त रफ़्तार की ज़रुरत होती है।”
हैज़लवुड ने कहा, "मुझे लगता है कि धर्मशाला की विकेट मैच का परिणाम तय करेगी। उन्हें जीत की जरूरत है तो वह ऐसी विकेट बनाएंगे जिस पर वे मैच का नतीजा हासिल कर सकें। दबाव निश्चित तौर पर उन पर (भारत) है। हम ड्रॉ करा सकते हैं लेकिन हमारी कोशिश जीतने की होगी। हम इसे 2-1 से जीतना चाहेंगे और भारत में जीत हासिल करना दुर्लभ होता है।"
मीडिया में फैली ख़बरों के मुताबिक धर्मशाला की विकेट तेज गेंदबाजों की मददगार हो सकती है जिस पर घास रहने की उम्मीद है। पिछले साल भारत की मेजबानी में खेले गए टी-20 विश्व कप में इसी मैदान पर आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने हुई थीं।
हैज़लवुड ने उस मैच को याद करते हुए कहा, "हमने लगभग 12 महीने पहले यहां न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 मैच खेला था। उस मैच में यह विकेट अच्छी स्पिन ले रही थी। वह इसे वैसा बना सकते हैं जैसा चाहते हैं।"