
शायद कोहली की पारी का यही एक ऐसा पल था जब वह स्लो खेले। सेंचुरी तक पहुंचने के पहले 21 बॉल में उन्होंने कम से कम चार शानदार शॉट खेले लेकिन बदक़िस्मती से बॉल फ़ील्डर के पास चली गई। इसके अलावा उस वक़्त हालात भी ऐसे थे कि आक्रामक होने की ज़रुरत नहीं थी।
मैक्सवेल ने कहा, "मैंने इस बारे में सोचा। वह बहुत आसानी से शतक के क़रीब पहुंच गया और फिर उसने रिदम खो दीI मैं इस बारे में सोचता रहा हूं।"
मैक्सवेल ने भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों के संघर्ष की भी तुलना की। "जब आप डेविड वॉर्नर को 90 पर खेलता देखते हैं और वह ईशांत शर्मा को हिट करने की कोशिश करके सिक्स लगाता है तो वहां दो तरह का खेल नज़र आता है।"
मैक्सवेल चाहे जो कहें और आप उनसे सहमत हों न हों, लेकिन सच तो ये है कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत की छोटी-छोटी ग़लतियों का पूरा फ़ायदा उठाकर वनडे सिरीज़ को 4-0 स अपने पक्ष में कर लिया है और बहुत मुमकिन है कि ये स्कोर 5-0 भी हो जाए।