कानपुर: न्यूजीलैंड की टीम भारत के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के तीसरे दिन पहली पारी में 262 रन पर सिमट गई। भारत ने पहली पारी में 318 रन बनाए थे और इस तरह उसे 56 रन की बढ़त हासिल हुई। भारत की ओर से रविंद्र जडेजा ने 73 रन देकर पांच जबकि रविचंद्रन अश्विन ने 93 रन देकर चार विकेट चटकाए। न्यूजीलैंड की ओर से कप्तान केन विलियमसन ने सर्वाधिक 75 जबकि टाम लैथम ने 58 रन बनाए।
न्यूजीलैंड ने ग्रीन पार्क स्टेडियम में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन लंच तक पांच विकेट के नुकसान पर 238 रन बना लिए थे। दिन का पहला सत्र भारतीय स्पिन गेंदबाजों के नाम रहा, जिसमें उन्होंने कीवी टीम के चार बल्लेबाजों को आउट किया।
मेहमान टीम की ओर से मिशेल सेंटनर (28) और बी.जे. वॉटलिंग तीन रनों के साथ मैदान पर डटे हुए थे। लेकिन लंच के बाद जडेजा ने एक ही ओवर में तीन विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया। जडेजा ने क्रेग (2), सोधी (0) और बोल्ट (0) को चलता कर दिया।
इसके पहले दूसरे दिन (शुक्रवार) के अपने स्कोर एक विकेट पर 152 रन से आगे तीसरे दिन खेलने उतरी कीवी टीम अपने खाते में सात रन ही जोड़ पाई थी कि भारतीय स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने उसे दिन का पहला बड़ा झटका दिया।
अश्विन ने सलामी बल्लेबाज टॉम लाथम (58) को पगबाधा आउट कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई। तीसरे दिन अपने व्यक्तिगत स्कोर में दो रनों का इजाफा करने वाले लाथम ने अपनी पारी में 151 गेंदों में पांच चौके लगाए।
लाथम के आउट होने के बाद कीवी टीम के खाते में एक रन ही जुड़ा था कि रवींद्र जड़ेजा ने रॉस टेलर को पगबाधा आउट कर पवेलियन भेजा और भारतीय टीम को तीसरी सफलता दिलाई। टेलर अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे।
न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन (75) मैदान पर डटे रहकर टीम का स्कोर आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन अश्विन ने 170 के कुल योग पर विलियमसन की गिल्लियां बिखेर कीवी टीम को बैकफुट पर धकेल दिया।
विलियमसन के पास अश्विन की शानदार ऑफ स्पिन का कोई जवाब नहीं था। उन्होंने अपनी पारी में 137 गेंदें खेलते हुए सात चौके लगाए।
नियमित अंतराल पर तीन विकेट छटक कर भारतीय स्पिन गेंदबाजों ने मेहमान टीम को दबाव में डाल दिया था। ल्यूक रौंची (38) और सेंटनर ने पांचवें विकेट के लिए 49 रनों की साझेदारी कर कीवी टीम को संभाला।
दोनों ने टीम का स्कोर 219 तक पहुंचा दिया था, तभी जडेजा एक बार फिर भारतीय टीम को सफलता दिलाने में कामयाब रहे। उन्होंने रौंची को पगबाधा आउट कर पवेलियन भेजा। इसके बाद सेंटनर ने वॉटलिंग के साथ पारी को आगे बढ़ाया और भोजनकाल तक टीम का स्कोर 238 तक पहुंचा दिया था। दोनों ने छठे विकेट के लिए 19 रनों की साझेदारी की।