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मुंबई एकदिवसीय: धोनी युग में भारत की सबसे बड़ी हार

 Written By: India TV News Desk
 Published : Oct 25, 2015 10:25 pm IST,  Updated : Oct 26, 2015 11:12 am IST

मुंबई: भारत के सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए पांचवें एकदिवसीय मुकाबले में भारत की सबसे बड़ी परीक्षा में खरे नहीं उतर सके और धोनी की

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मुंबई एकदिवसीय: धोनी युग में भारत की सबसे बड़ी हार

मुंबई: भारत के सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए पांचवें एकदिवसीय मुकाबले में भारत की सबसे बड़ी परीक्षा में खरे नहीं उतर सके और धोनी की कप्तानी में भारत को सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी।

214 रनों की हार भारत की दूसरी सबसे बड़ी पराजय

दक्षिण अफ्रीका ने भारत को पांचवें एकदिवसीय में 214 रनों के विशाल अंतर से हराया, जो रनों के लिहाज से भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार रही। इससे पहले रनों के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी हार श्रीलंका के हाथों 29 अक्टूबर, 2000 को शारजाह में 245 रनों से मिली हार थी, जो उसे दिग्गज कप्तान सौरभ गांगुली के नेतृत्व में मिली थी।

दक्षिण अफ्रीका के 3 बल्लेबाजों ने जड़ दिए शतक

दक्षिण अफ्रीका ने वानखेड़े स्टेडियम में तीन-तीन शतकीय पारियों के बल पर भारत को 439 रनों का उनका सबसे बड़ा लक्ष्य दिया, जिसके जवाब में भारतीय टीम 36 ओवरों में 224 रन बनाकर ढेर हो गई। इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका ने पांच मैचों की श्रृंखला 3-2 से जीत ली। भारत के खिलाफ नौवीं पारी में पांचवां शतक लगाने वाले क्विंटन डी कॉक को मैन ऑफ द मैच और कप्तान अब्राहम डिविलियर्स को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।

भारत की सलामी जोड़ी फिर फेल, बनाए सिर्फ 22 रन

पहाड़ सरीखे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की सलामी जोड़ी सिर्फ 22 रन जोड़ सकी। अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय के इतिहास में दो दोहरा शतक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज रोहित शर्मा (16) काइल एबॉट की गेंद पर इमरान ताहिर को कैच थमा पांचवें ओवर में ही पवेलियन लौट गए।

कोहली भी केवल 7 रन बनाकर पेवेलियन लौट गए

भारतीय टीम के भविष्य के अगुवा माने जा रहे विराट कोहली (7) अपनी पिछली डोले-शोले दिखाऊ पारी के इर्द-गिर्द भी नजर नहीं आए और करियर का 10वां मैच खेल रहे गैर-अनुभवी तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा की बाहर जाती गेंद पर बल्ले अड़ा बैठे और विकेटकीपर क्विंटन डी कॉक ने फिर से बेहतरीन विकेटकीपिंग का नजारा पेश करते हुए उनका कैच लपक लिया।

रहाणे ने ठोके 87 रन, पर भारत को जिताने के लिए थे नाकाफी

इसके बाद भारतीय एकदिवसीय टीम में अपने स्थान के लिए संघर्ष कर रहे अजिंक्य रहाणे (87) ने बल्ले से सर्वाधिक योगदान देते हुए शिखर धवन (60) के साथ तीसरे विकेट के लिए 7.55 के औसत से 112 रनों की साझेदारी की और संघर्ष का माद्दा पेश किया। धवन भी कुछ-एक एज से बचते और जीवनदान पाते अपना अर्धशतक पूरा कर ले गए। 59 गेंदों में आठ चौके लगाकर खेल रहे धवन को रबाडा ने अपना दूसरा शिकार बनाया। धवन के बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर उठी गेंद को हाशिम अमला ने बेहतरीन डाइव लगाकर कैच किया।

जरूरत के वक्त सुरेश रैना भी नहीं आए काम

विशाल लक्ष्य और आस्किंग रेट की सूई फुल पर देखते हुए धोनी ने अपने भरोसेमंद हिटर सुरेश रैना (12) को पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी के लिए भेजा, हालांकि धोनी का यह मोहरा भी भारत के किसी काम न आ सका। रबाडा की यॉर्कर गेंद ने रैना के लेग स्टंप की गिल्लियां बिखेर दीं। आधे सफर (24.5 ओवर) में रैना ने जब भारत का साथ छोड़ा तो भारत को 11 के करीब की रन गति से शेष रन बनाने की दरकार थी।

कप्तान धोनी ने भी बनाए केवल 27 रन

बढ़ते दबाव में अंतत: रहाणे भी ऊंचा शॉट लगाने के प्रयास में डेल स्टेन को अपना विकेट दे बैठे। रहाणे का कैच फरहान बेहरादीन ने लिया। रहाणे ने अपनी संयमित स्वभाव के विपरीत तेज हाथ दिखाते हुए 58 गेंदों में नौ चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान धोनी (27) तीसरे सर्वोच्च स्कोरर रहे। दक्षिण अफ्रीका के लिए कैगिसो रबाडा ने चार, डेल स्टेन ने तीन, इमरान ताहिर ने दो और काइल एबॉट ने एक विकेट चटकाया।

पांचवें एकदिवसीय मैच में भारत की हार की वजह क्या रहीं, जानने के लिए अगली स्लाइड पढ़ें

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