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मुंबई एकदिवसीय: धोनी युग में भारत की सबसे बड़ी हार

 Written By: India TV News Desk
 Published : Oct 25, 2015 10:25 pm IST,  Updated : Oct 26, 2015 11:12 am IST

मुंबई: भारत के सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए पांचवें एकदिवसीय मुकाबले में भारत की सबसे बड़ी परीक्षा में खरे नहीं उतर सके और धोनी की

कॉक, डू प्लेसिस औऱ डिविलियर्स ने की शानदार बल्लेबाजी

इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका के लिए अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय के अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए तीन बल्लेबाजों ने शतक लगाए। क्विंटन डी कॉक (109), फॉफ डू प्लेसिस (133) और कप्तान अब्राहम डिविलियर्स (119) की नायाब पारियों की बदौलत दक्षिण अफ्रीकी टीम ने 50 ओवरों में चार विकेट पर 438 रनों का विशालकाय स्कोर खड़ा कर लिया।

अमला ने सबसे तेज़ 6 हजार रन बनाने का कोहली का रिकार्ड तोड़ा

टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी मेहमान टीम का पहला विकेट हाशिम अमला (23) के रूप में चौथे विकेट की आखिरी गेंद पर 33 के कुल योग पर गिर गया। अमला ने मात्र 13 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौके लगाए और अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय के इतिहास में सर्वाधिक तेजी से 6000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए। उनके बाद इस क्रम में कोहली का नंबर आता है। अमला ने 6000 रन पूरी करने में कोहली से पूरे छह पारियां कम लीं। लेकिन अमला दक्षिण अफ्रीका को जो लय दी उसे डी कॉक के साथ डू प्लेसिस ने और गति प्रदान की।

डिविलियर्स की तूफानी पारी ने भारतीय गेंदबाजों का मनोबल तोड़ा

डी कॉक और डू प्लेसिस ने 6.74 के औसत से 154 रन बटोरते हुए दक्षिण अफ्रीका को ठोस स्थिति में पहुंचा दिया। डी कॉक और डू प्लेसिस जब तक क्रीज पर रहे चौकों की मदद से तेजी से रन बटोरते रहे। लेकिन डी कॉक के पवेलियन लौटने के बाद प्लेसिस का साथ देने उतरे डिविलियर्स ने तो जैसे रनों की गति तो तूफानी अंदाज दे दिया। डी कॉक ने 87 गेंदों की पारी में 17 चौके और एक छक्के लगाए। डी कॉक का कैच सुरेश रैना की गेंद पर विराट कोहली ने लपका।

चौकों छक्कों की झड़ी के सहारे 41 वें ओवर में दक्षिण अफ्रीका 300 के पार पहुंची

डिविलियर्स के क्रीज पर उतरने के बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम चौकों की बजाय छक्कों में रन बनाने लगी। डिविलियर्स और प्लेसिस ने मात्र 17.1 ओवरों में 9.55 के औसत से 164 रन जोड़ डाले और दक्षिण अफ्रीकी टीम 41वें ओवर में ही 300 का स्कोर पार कर चुकी थी। मुंबई की गर्मी और उमस भरे माहौल में शतकीय पारी खेलते हुए डू प्लेसिस पैर में खिंचाव के बावजूद चौकों, छक्कों की झड़ी लगाते रहे। अंतत: 115 गेंदों में नौ चौके और छह छक्के लगाकर रिटायर्ड हो वह पवेलियन लौटे।

आखिरी 12 ओवर्स में भारत ने लुटाए 169 रन

प्लेसिस के लौटने के बाद रनों को हवा देने की जिम्मेदारी डिविलियर्स ने संभाली और 59 गेंदों पर करियर का 23वां शतक पूरा कर लिया। 398 के कुल योग पर भुवनेश्वर के हाथों अपना विकेट गंवाने से पहले डिविलियर्स ने 61 गेंदों में तीन चौके और 11 छक्के जड़े। दक्षिण अफ्रीकी टीम ने आखिरी के 12 ओवरों में 169 रन जोड़े।

भारत ने टॉप गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार ने रन देने में शतक बनाया

भारत के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज बनकर उभरे भुवनेश्वर कुमार ने 106 रन लुटाए, जो एकदिवसीय इतिहास में दूसरा सर्वाधिक रन है। भुवनेश्वर के बाद मोहित शर्मा सबसे महंगे गेंदबाज रहे। उन्होंने 12 की इकॉनमी से रन दिए। मोहित, भुवनेश्वर के अलावा हरभजन और पार्ट टाइम गेंदबाज सुरेश रैना को एक-एक विकेट मिला।

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