नागपुर टी20 मैच में तीन ऐसे फ़ैसले रहे जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है और ये तीनों फ़ैसले अंपायर शम्शुद्दीन ने किए थे. इनमें एक फ़ैसला मैच के आख़िरी ओवर में जो रुट के lbw का भी है जिसकी वजह से इंग्लैंड मैच हार गया।
वैसे इंग्लैंड मंगलवार को मैच रेफ़री एंडी पेक्रॉफ़्ट से लिखित में शिकायत करने वाला है और संभावना है कि BCCI शम्शुद्दीन को बंगलुरु में बुधवार को होने वाले तीसरे और निर्णायक मैच से हटा ले।
पता चला है कि शम्शुद्दीन नागपुर मैच के 24 घंटे पहले ही ऑस्ट्रेलिया में अंपायरिंग करके लौटे थे और अपने घर हैदराबाद भी नहीं गए थे कि उन्हें अंपायरिंग सौंप दी गई।
शम्शुद्दीन के पास न तो मौसम से आदी होने का समय था और न ही जेट लेग से उबरने का। ऐसे में बोर्ड ने बजाय ये काम नितिन मेनन को सौंपने के शम्शुद्दीन को सौंप दिया जबकि मेनन ने कानपुर में अच्छी अंपायरिंग की थी।
हैरानी की बात तो ये भी है कि शम्शुद्दीन को नागपुर में अंपायरिंग करनी भी नहीं थी फिर भी बोर्ड ने उनसे क्यों करवाई।
शम्शुद्दीन ने विराट कोहली और युवराज सिंह के ख़िलाफ़ lbw की अपील इस आधार पर ख़ारिज कर दी थी कि बॉल ऊपर थी। आपको बता दें कि शम्शुद्दीन ऑस्ट्रेलिया से अंपायरिंग करके लौटे थे जहां पिच में उछाल रहता है।
समझा जाता है कि शम्शुद्दीन ख़ुद अपनी अंपायरिंग को लेकर दुखी हैं और हो सकता है वह ख़ुद ही तीसरे मैच में अंपायरिंग करने से मना कर दें।
बोर्ड घरेलू अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों के लिए खुद अंपायरों की नियक्ति करता है।