नई दिल्ल: 25 अप्रैल को नेपाल में आए भूकंप में अभी तक 5,489 लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों लोग घायल हुए हैं, रोज़ मलबे में लाशें निकाली जा रही हैं। पूरा विश्व एकजुट होकर नेपाल को राहत सामग्री पहुंचाने में आगे आ रह है। लेकिन, पाकिस्तान की ओर से आई राहत सामग्री को लेकर विवाद शुरू हो गया है।
गौरतलब है कि, पाकिस्तान की ओर से आई राहत सामग्री में पैकेटों में 'बीफ मसाला' है। पाकिस्तान से आए इन हरे पैकेट्स को कोई हाथ भी लगाने से बच रहा है।
नेपाल सरकार के एक आला अधिकारी का कहना है कि इन पैकेट्स के बारे में प्रधानमंत्री सुशील कोइराला और खुफिया प्रमुख को जानकारी दे दी गई है। इसके साथ ही हम तथ्यों की पुष्टि के लिए जांच भी करवाने वाले हैं।
नेपाल कुछ वर्षों पहले तक एक हिंदू राष्ट्र था। यहां कि बहुसंख्यक आबादी अब भी हिंदू है और वे लिए गाय बेहद पवित्र मानते हैं। ऐसे में पाकिस्तान की इस हरकत से एशियाई संगठन (सार्क) के सदस्य देशों के बीच राजनयिक कटुता भी बढ़ सकती है।
रिपोर्ट में अगर यह बात साफ हो जाती है कि इन पैकेट्स में वाकई बीफ मसाला था, तो कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान के सामने इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
काठमांडू के अस्पताल में भारतीय डॉक्टरों के समूह ने बताया कि मंगलवार को पाकिस्तान की ओर भेजी गई राहत सामग्री में बीफ मसाला के पैकेट हैं। डॉक्टरों ने वे पैकेट लेने के स्थान पर होटेल से खाना लेना बेहतर समझा।
टीम में शामिल एक अन्य डॉक्टर ने कहा कि ज्यादातर स्थानीय लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन जब उन्हें यह बात समझ आई सभी ने इन पैकेट्स को हाथ लगाने से भी मना कर दिया।
चूंकि भारत हमारा प्रमुख सहयोगी है इसलिए मामले की प्रगति के बारे में भारत को भी अवगत कराया जाएगा।
दूसरी ओर, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता तसनीम असलम इस तरह की किसी भी घटना की जानकारी होने से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह इन पैकेट्स को भेजने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। राहत सामग्री राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भेजता है।