India vs England: भारतीय क्रिकेट टीम लगता है कि अचानक फिर से सालों पीछे चली गई है। मैनचेस्टर में खेला गया मुकाबला टीम इंडिया ने ड्रॉ करा लिया। इसे इस तरह से पेश किया जा रहा है, जैसे टीम वहां मैच ड्रॉ कराने गई थी, ना कि जीतने। पिछले करीब एक साल में टेस्ट में भारतीय टीम ने जो दिन देखें हैं, उससे पता चलता है कि टीम काफी पीछे है। जीत की बात दूर की हो गई है। आगे हम आपको जो आंकड़े बनाएंंगे, उन्हें जानकर भी आप शायद चौंक जाएंगे।
पिछले 12 में से केवल दो ही मुकाबले जीत पाई है टीम इंडिया
अक्टूबर 2024 से लेकर अब तक यानी मैनचेस्टर टेस्ट तक टीम इंडिया ने देश और विदेश में कुल मिलाकर 12 टेस्ट मैच खेले हैं, इसमें से भारतीय टीम को आठ में हार का सामना करना पड़ा है। दो मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं और केवल दो ही में उसे जीत नसीब हुई है। भारत ने केवल पर्थ और बर्मिंघम टेस्ट जीते हैं। वहीं ब्रिस्बेन और मैनचेस्टर के मुकाबले बराबरी पर खत्म हुए हैं। मैनचेस्टर टेस्ट में भी टीम इंडिया करीब करीब हार की कगार पर थी, लेकिन वो मैच रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर के कारण ड्रॉ हो गया। लेकिन इसे ऐसे प्रचाारिक के किया गया, मानों भारतीय टीम जीत नहीं, बल्कि ड्रॉ कराने के लिए वहां गई है।
करीब 25 साल पीछे चली गई है भारतीय क्रिकेट टीम
कुछ इसी तरह की मानसिकता अब से करीब 25 साल पहले भारतीय टीम की हुआ करती थी। टीम इंडिया के लिए उस वक्त विदेशी जमीन पर ड्रॉ ही जीत हुआ करती थी। लेकिन जब सौरव गांगुली ने टीम इंडिया की कमान संभाली, उसके बाद चीजें बदलना शुरू हुई और भारत ने विदेशी सरजमीं पर जीत दर्ज करनी शुरू की। सौरव गांगुली के बाद एमएस धोनी और विराट कोहली की कप्तानी में भी यही सिलसिला जारी रहा। लेकिन पिछले करीब एक साल से हाल खराब हो गया है। शर्मनाक तो ये रहा कि पिछले साल जब न्यूजीलैंड की टीम भारत के दौरे पर आई थी, तब तीन के तीन मैच हराकर टीम इंडिया का सूपड़ा साफ कर दिया था। इसके बाद जीत की पटरी से उतरी टीम इंडिया अभी तक संभल नहीं पाई है। अब देखना है कि टीम इंडिया क्या इस सीरीज की हार को बचा पाएगी, या फिर आखिरी मैच हारकर ये सीरीज भी गवां देगी।