नई दिल्ली: रियो ओलंपिक में भारत का पहला दिन काफी निराशाजनक रहा। टेबिल टेनिस और निशाने बाजी में हमारे भारतीय खिलाड़ी पहले ही राउंड में हार गए। हालांकि भारतीय हॉकी टीम ने पहला मैच जीतकर भारत के लिए कुछ उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं। 12 सालों में यह पहला मौका है जब भारतीय हॉकी टीम ने जीत से आगाज किया है। पढ़िए कैसा रहा भारत का पहला दिन (देश और दुनिया की बाकी खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें)
टेटे: पहले ही दौर में हारे सभी खिलाड़ी, भारत का अभियान खत्म
अचंत शरत कमल के नेतृत्व में भारत की टेबल टेनिस चौकड़ी का अभियान रियो ओलंपिक में पहले दिन ही खत्म हो गया। चारों खिलाडि़यों ने अपने पहले दौर के मैच गंवा दिए जिससे उनका सफर समाप्त हो गया। मोउमा दास को केवल 21 मिनट में हीं 4-0 से हार झेलनी पड़ी। उन्हें अलावा बाकी तीनों खिलाडि़यों ने कम से कम एक गेम जीता। शरत और सौम्यजीत दोनों ने विरोधियों से एक एक गेम छीने लेकिन उन्हें 4-1 से शिकस्त झेलनी पड़ी। पहली बार ओलंपिक में खेल रहीं मणिका बत्रा ने बाकियों से बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन 4-2 से हार गई।
दिलचस्प रूप से ओलंपिक टेबल टेनिस में भारत का सफर केवल 139 मिनट या दो घंटे, 19 मिनट का रहा। भारत के सबसे प्रसिद्ध टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत को रोमानिया के क्रिसन एड्रियन ने 35 मिनट चले मुकाबले में 11-8, 14-12, 9-11, 11-6, 11-8 से हराया। एड्रियन एक समय दुनिया के 20 वें नंबर के खिलाड़ी थे और इस समय शीर्ष 100 (90 वां रैंक) खिलाड़ियों में शामिल है। पुरूष वर्ग के दूसरे मैच में यहीं कहानी रही। 68 वें रैंक के सौम्यजीत घोष को थाईलैंड के पडासाक तिन्विरियावेचाकुल ने 35 मिनट में 4-1 से हराया। थाई खिलाड़ी ने उन्हें 11-8, 11-6, 12-14, 11-6, 13-11 से मात दी।
महिला वर्ग में दूसरी बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले रहीं 34 साल की मोउमा को विश्व की 58 रैंक की रोमानियाई खिलाड़ी डेलिएला डोडिएन मोंटियेरो ने केवल 21 मिनट में 2-11, 7-11, 7-11, 3-11 से हराया। मणिका ने दूसरी तरफ विश्व की 60 वें नंबर की पोलिश खिलाड़ी कतरज्यना फ्रैंक-गरजिबोवस्का ने 48 मिनट चले मुकाबले में 12-10, 6-11, 12-14, 11-8, 4-11, 12-14 से हराया।
पहले दौर में ही खत्म हुई सानिया की चुनौती:
शीर्ष भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा अपनी जोड़ीदार प्रार्थना थोंबारे के साथ रियो ओलम्पिक-2016 के पहले दौर में हारकर बाहर हो गईं। सानिया-प्रार्थना की जोड़ी को महिला युगल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में शुआई पेंग और शुआई झांग की चीनी जोड़ी ने तीन सेटों में 7-6 (6), 5-7, 7-5 से हराया। सर्वोच्च विश्व वरीयता प्राप्त युगल खिलाड़ी सानिया और प्रार्थना को पहले सेट से ही संघर्ष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी 70 मिनट के कठिन संघर्ष के बाद यह सेट टाई ब्रेकर तक तो खींचने में सफल रही, लेकिन टाई ब्रेकर में वे अपनी लय कायम नहीं रख पाईं। पहला सेट गंवाने के बाद सानिया ने जरूर वापसी की और दूसरे सेट में जीत हासिल कर मैच में बराबरी कर ली। एक समय भारतीय जोड़ी 4-1 से आगे थी और फिर एक मुकाम पर 5-2 से आगे हो गई लेकिन पेंघ और झां ने शानदार वापसी करते हुए 5-5 से बराबरी कर ली।
निशानेबाजी: पदक की दौड़ से बाहर हुए जीतू
भारत के लिए पदक के प्रबल उम्मीदवार निशानेबाज जीतू राय शनिवार को ब्राजीलियाई महानगर रियो डी जेनेरियो में चल रहे ओलम्पिक खेलों-2016 की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में निराशाजनक प्रदर्शन कर पदक की दौड़ से बाहर हो गए। शनिवार को ही हुए क्वालिफिकेशन राउंड में छठे स्थान के साथ फाइनल में प्रवेश करने वाले जीतू का फाइनल मुकाबले में प्रदर्शन काफी खराब रहा और वह सिर्फ तीन राउंड तक ही आगे बढ़ सके। पहले प्रयास में जीतू सिर्फ 28.9 का स्कोर हासिल कर सके और कुल 78.7 के स्कोर के साथ सबसे पहले इलिमिनेट होने वाले निशानेबाज रहे।
भारोत्तोलन: मीराबाई ने भी नाउम्मीद किया
भारतीय महिला भारोत्तोलक सैखोम मीराबाई चानू निराशाजनक प्रदर्शन कर शनिवार को रियो ओलम्पिक-2016 की 48 किलोग्राम भारवर्ग भारोत्तोलन स्पर्धा से बाहर हो गईं। मीराबाई का प्रदर्शन स्नैच स्पर्धा में तो औसत रहा, जहां से वह क्लीन एंड जर्क में बेहतर प्रदर्शन कर पदक की उम्मीद कर सकती थीं। लेकिन क्लीन एंड जर्क स्पर्धा में वह तीनों कोशिशों में असफल रहीं। उन्होंने स्नैच स्पर्धा के दूसरे प्रयास में अपना सर्वश्रेष्ठ 82 किलोग्राम भार उठाया, लेकिन तीसरे प्रयास में 84 किलोग्राम भार वह नहीं उठा सकीं। वहीं क्लीन एंड जर्क में उनकी 104 किलोग्राम भार उठाने की पहली कोशिश नाकाम साबित हुई और अगली दो कोशिशों में वह 106 किलोग्राम भार उठाने में असफल रहीं।
टेनिस: पहले दौर में हारकर बाहर हुए पेस-बोपन्ना
भारतीय टेनिस स्टार लिएंडर पेस और उनके जोड़ीदार रोहन बोपन्ना पुरुष युगल के पहले दौर में हार कर रियो ओलम्पिक से बाहर हो गए हैं। ओलम्पिक टेनिस सेन्टर पर खेले गए मैच में पेस-बोपन्ना की जोड़ी को पोलैंड के लुकास कुबोट और मारसिन माटकोव्सकी की जोड़ी ने मात दी। पौलेंड की जोड़ी ने एक घंटे 24 मिनट तक चले मुकाबले में भारतीय जोड़ी को 6-4, 7-6 (6) से मात दी। पेस-बोपन्ना ने पहले सेट में सिर्फ 32 मिनट में ही आत्मसमर्पण कर दिया था। पोलैंड की जोड़ी ने 52 मिनट में दूसरा सेट जीत भारतीय जोड़ी के ओलम्पिक के सफर को खत्म कर दिया। यह पेस का सातवां ओलम्पिक था, जिसका अंत निराशाजनक रहा। पेस ओर बोपन्ना ने दोनों ब्रेक प्वाइंट को अपने नाम किया, लेकिन पहले सेट में सात ब्रेक प्वांइट दिए। कुबोट-माटकोव्सकी ने पहले सेट में सात में से तीन ब्रेक प्वाइंट अपने नाम किए और 6-4 से सेट जीत लिया।
दूसरे सेट में दोनों टीमों ने शानदार खेल दिखाया और मुकाबला टाई ब्रेक में गया। लेकिन अंत में भारतीय जोड़ी को हार का मुंह देखना पड़ा। कुबोट-माटकोव्सकी की जोड़ी का अगला मुकाबला स्पेन की जोड़ी रोबेटरे अगुट बतुतिस्ता-डेविड फेरर की और चेक गणराज्य की जोड़ी लुकास रोसोल और राडेक स्टेपानेक के बीच होने वाले मैच की विजेता जोड़ी से होगा।
Rio Olympics: भारत ने हॉकी में जीत के साथ खोला खाता
रियो डी जेनेरियो: भारतीय हॉकी टीम ने शनिवार को जीत के साथ रियो ओलम्पिक में अपने अभियान का आगाज किया है। उसने अपने पहले पूल मैच में आयरलैंड को 3-2 से हराया। ओलम्पिक हॉकी स्टेडियम में खेले गए पूल-बी के इस मैच में आठ बार के चैम्पियन भारत ने रुपिंदर पाल सिंह के दो तथा वीआर रघुनाथ के एक गोल की मदद से जीत का स्वाद चखा।
रघुनाथ ने भारत के लिए मैच का पहला गोल पहले क्वार्टर के अंत में किया। यह गोल 15वें मिनट में हुआ। इसके बाद रुपिंदर ने 27वें और 49वें मिनट में गोल करते हुए अपनी टीम की जीत तय की। भारत के तीनों गोल पेनाल्टी कार्नर पर हुए। आयरलैंड ने भी अपना एकमात्र गोल पेनाल्टी कार्नर पर किया। यह गोल जान जर्मेन ने 45वें मिनट में किया। ऐसा लग रहा था कि भारत 3-1 से यह मैच जीत लेगा लेकिन कोनॉर हार्ट ने 56वें मिनट में मिले पेनाल्टी कार्नर पर गोल करते हुए स्कोर 2-3 कर दिया। भारत को अब अपने दूसरे पूव मैच में जर्मनी से भिड़ना है। यह मैच 8 अगस्त को होगा। शनिवार को ही खेले गए एक अन्य मुकाबले में अर्जेटीना ने नीदरलैंड्स को 3-3 की बराबरी पर रोका।




