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Tokyo Olympics 2020: रवि दहिया ने जीता तमगा, विनेश और दीपक के हाथ लगी निराशा

 Reported By: Bhasha
 Published : Aug 05, 2021 07:14 pm IST,  Updated : Aug 05, 2021 07:14 pm IST

टोक्यो खेलों में भारत ने रवि दहिया के माध्यम से अपना दूसरा रजत पदक हासिल किया। इससे पहले भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीता था।

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Tokyo Olympics 2020: ravi dahiya wins silver medal, vinesh phogat and deepak punia upset Image Source : TWITTER

भारतीय पहलवान रवि दहिया ने टोक्यो ओलंपिक की कुश्ती प्रतियोगिता के पुरुषों के 57 किग्रा भार वर्ग में गुरुवार को यहां रजत पदक जीता लेकिन विनेश फोगाट और दीपक पुनिया का 'पोडियम' पर पहुंचने का सपना पूरा नहीं हो पाया। उम्मीद लगायी जा रही थी कि 23 वर्षीय दहिया देश के सबसे युवा ओलंपिक चैंपियन बनने में सफल रहेंगे लेकिन फाइनल में वह रूसी ओलंपिक समिति के मौजूदा विश्व चैंपियन जावुर युगुएव से 4-7 से हार गये।

दहिया इससे पहले युगुएव से 2019 में विश्व चैंपियनशिप में भी नहीं जीत पाये थे। दहिया ने युगुएव के खिलाफ अपनी हर चाल अपनाई लेकिन रूसी पहलवान ने बहुत अच्छा बचाव किया तथा सही समय पर अंक बनाकर अपनी बढ़त बनाये रखी। युगुएव ने शुरुआती अंक बनाया लेकिन रवि ने जल्द ही स्कोर 2-2 कर दिया।

रूसी खिलाड़ी ने फिर से बढ़त हासिल कर दी। रवि पहले पीरियड के बाद 2-4 से पीछे थे। दूसरे पीरियड में भी युगुएव ने एक अंक बनाकर अपनी बढ़त मजबूत की। रवि दूसरे पीरियड में भी दो अंक ही जुटा सके। दहिया कुश्ती में ओलंपिक रजत पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय पहलवान बन गये हैं।

हत्या के आरोप में अभी जेल की सजा काट रहे सुशील कुमार ने लंदन ओलंपिक 2012 में यह उपलब्धि हासिल की थी। यह भारत का कुश्ती में कुल छठा पदक है। निशानेबाज अभिनव बिंद्रा भारत की तरफ से ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। उन्होंने बीजिंग ओलंपिक 2008 में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में सोने का तमगा हासिल किया था। टोक्यो खेलों में भारत ने अपना दूसरा रजत पदक हासिल किया।

इससे पहले भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किग्रा भार वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया था। भारत को दीपक पुनिया और विशेषकर महिला वर्ग में विनेश से काफी उम्मीदें थी लेकिन ये दोनों पदक जीतने में नाकाम रहे। पुनिया के पुरुषों के 86 किग्रा के प्ले-ऑफ में सैन मरिनो के माइलेस नज्म अमीन से हार झेलनी पड़ी।

सैन मारिनो के पहलवान ने उन्हें अंतिम 10 सेकेंड में पटखनी देकर यह मुकाबला जीता। दीपक का रक्षण पूरे मुकाबले के दौरान शानदार था लेकिन सैन मरिनो के पहलवान ने मुकाबले के अंतिम क्षणों में भारतीय पहलवान का दायां पैर पकड़कर उन्हें गिराकर निर्णायक दो अंक हासिल किये।

पदक की प्रबल दावेदार विनेश को महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग के क्वॉर्टरफाइनल में बेलारूस की वेनेसा कालादजिन्सकाया ने चित्त करके बाहर किया। विनेश के पास वेनेसा के मजबूत रक्षण का कोई जवाब नहीं था। वेनेसा ने इसके साथ ही इस साल युक्रेन में भारतीय खिलाड़ी के खिलाफ इसी तरह की शर्मनाक हार का बदला चुकता कर दिया। विनेश ने तब वेनेसा को गिराकर 'बाय फॉल' से जीत दर्ज की थी।

बाद में वेनेसा सेमीफाइनल में चीन के क्विन्यु पांग से हार गयी जिससे विनेश का रेपेशाज के जरिये पदक हासिल करने की उम्मीदें भी समाप्त हो गयी। इस तरह से उनके ओलंपिक अभियान का निराशाजनक अंत हुआ। विनेश को रियो ओलंपिक 2016 में क्वार्टर फाइनल में हार के कारण बाहर होना पड़ा था।

यूरोपीय चैंपियन वेनेसा ने अपनी रणनीति को काफी अच्छी तरह लागू किया और विनेश उनके रक्षण को भेदकर अंक जुटाने में नाकाम रही। अंक जुटाने में विफल रहने के बाद शीर्ष वरीय विनेश ने धैर्य खो दिया। यहां तक कि जब विनेश ने वेनेसा को पीछे से पकड़ा तो भी वह अच्छी स्थिति में होने के बावजूद विरोधी पहलवान को घुटनों के बल बैठाने में नाकाम रही।

विनेश ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी लेकिन वेनेसा के रक्षण को नहीं तोड़ पाई। यहां तक कि विनेश विरोधियों को चित्त करने वाले अपने पसंदीदा ‘डबल लेग’ आक्रमण के साथ भी अंक नहीं जुटा पायी। विनेश ने पहले दौर में रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता और विश्व चैंपियनशिप की छह बार की पदक विजेता स्वीडन की सोफिया मेगडालेना मैटसन को 7-1 से हराया युवा अंशु मलिक 57 किग्रा वर्ग में रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता रूस की वालेरा कोबलोवा के खिलाफ रेपेशॉज मुकाबले में 1-5 की हार के साथ पदक की दौड़ से बाहर हो गई।

19 साल की अंशु अपने पहले दौर में यूरोपीय चैंपियन इरिना कुराचिकिना से हार गई थी और बेलारूस की खिलाड़ी के फाइनल में जगह बनाने के बाद उन्हें रेपेशॉज में हिस्सा लेने का मौका मिला। भारत की स्वर्ण पदक की उम्मीद अब बजरंग पुनिया पर टिकी है जो शुक्रवार को किर्गीस्तान के अरनजार अखमातालीव से भिड़ेंगे।

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बजरंग को अच्छा ड्रॉ मिला है और उन्हें सेमीफाइनल तक पहुंचने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। महिलाओं में अब केवल सीमा बिस्ला को ही मुकाबले में उतरना है। वह 50 किग्रा में ट्यूनीशिया की सारा हमदी के खिलाफ शुरुआत करेगी। भारत को कुश्ती में पदक दिलाने वाले पहले पहलवान खशाबा जाधव थे। उन्होंने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। उसके बाद सुशील ने बीजिंग में कांस्य और लंदन में रजत पदक हासिल किया। लंदन ओलंपिक में योगेश्वर दत्त ने भी कांस्य पदक जीता था। वहीं साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक 2016 में कांसे का तमगा हासिल किया था।

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