सैन फ्रांसिस्को: नेत्रहीन और बधिर छात्रों के लिए प्रौद्योगिकी कंपनी Apple एक ऐसी तकनीक लेकर आ रहा है, जिससे उन्हें तकनीक की भाषा सीखने-समझने में आसानी होगी। फिलहाल इसे अमेरिका के स्कूलों में लाया जा रहा है, फिर उसे दुनिया के अन्य स्कूलों को दिया जाएगा। कंपनी ने एक बयान में कहा है कि इस जाड़े से अमेरिका के विशेष स्कूलों यानी उन स्कूलों में, जहां दृष्टिहीन, बधिर एवं अन्य दिव्यांग छात्र पढ़ते हैं, वहां 'एवरीवन कैन कोड' शिक्षा प्रणाली पेश की जाएगी।
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ऐपल के सीईओ टिम कुक ने कहा कि इस कोडिंग तकनीक से उनकी कंपनी का उद्देश्य शिक्षा को सुगम बनाना है। उन्होंने कहा, ‘हमने 'एवरीवन कैन कोड' का विकास किया है, क्योंकि हमारा मानना है कि प्रौद्योगिकी की भाषा समझने के मामले में सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए।’
उन्होंने कहा कि ऐपल ने यह तकनीक पाठ्यक्रम किंडरगार्टन से लेकर कॉलेज छात्रों के लिए बनाया गया है। इसके जरिए छात्र न केवल पहेली (पजल्स) सुलझा सकते हैं, बल्कि एक टैप पर कैरेक्टर को कंट्रोल कर सकते हैं। इसके साथ ही वे अपना ऐप भी विकसित कर सकते हैं।