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भारत सरकार ने और 47 चीनी एप्‍स पर लगाया प्रतिबंध, पिछले महीने कर चुकी है 59 एप्‍स को बैन

दूरसंचार एवं सूचना प्रसारण मंत्रालय ने सुरक्षा नियमों और डाटा प्रोटोकॉल का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इन एप्स पर प्रतिबंध लगाया है।

Abhay Parashar Abhay Parashar @abhayparashar
Updated on: July 27, 2020 14:07 IST
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Image Source : BUSINESSINSIDER More 47 Chinese app bans in India

नई दिल्‍ली। भारत सरकार ने चीन पर एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार को 47 अन्‍य चीनी एप्‍स पर प्रतिबंध लगा दिया है। दूरसंचार एवं सूचना प्रसारण मंत्रालय ने सुरक्षा नियमों और डाटा प्रोटोकॉल का उल्‍लंघन का आरोप लगाते हुए इन एप्‍स पर प्रतिबंध लगाया है। इन सभी एप्‍स पर यूजर्स का डाटा चोरी करने का आरोप लगा रहा था। ये सभी एप्‍स गोपनीयता कानून का भी उल्‍लंघन कर रहे थे। हालांकि अभी इन एप्‍स का नाम सामने नहीं आया है।

देश की संप्रभुता, अखंडता और रक्षा के लिए के खतरा बनी 106 चीनी एप्‍स को भारत सरकार अब तक प्रतिबंधित कर चुकी है। सूत्रों ने बताया कि सोमवार को सरकार ने जिन 47 अतिरिक्‍त चीनी एप्‍स को बैन किया है, वह पूर्व में प्रतिबंधित की गई एप्‍स की क्‍लोन या अन्‍य वेरिएंट्स के तौर पर संचालित हो रही थीं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे पहले सरकार ने 29 जून को 59 चीपी एप्‍स पर प्रतिबंध लगाया था। सरकार का आरोप है कि यह सभी एप्‍स देश की संप्रभुता, अखंडता और रक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही थीं।  

सरकार कर रही है 275 चीनी एप्‍स की जांच

भारत ने पिछले महीने 59 चीनी एप्‍स को प्रतिबंधित करने के बाद अब 275 चीनी एप्‍स की एक लिस्‍ट तैयार की है। सरकार अब यह जांच करेगी कि यह चीनी एप्‍स कहीं राष्‍ट्रीय सुरक्षा और यूजर प्राइवेसी के नियमों का उल्‍लंघन तो नहीं कर रही हैं। इस मामले से जुड़े कुछ सूत्रों ने बताया कि सरकार ने चीपी एप्‍स की जांच कड़ी कर दी है और इस बात की संभावना है कि देश में और अधिक चीनी इंटरनेट कंपनियों को प्रतिबंधित किया जा सकता है।

इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने शॉर्ट वीडियो एप ट‍िकटॉक सहित 59 चीनी एप को प्रतिबंधित करने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। सरकार ने 275 एप्‍स की जो लिस्‍ट तैयार की है, उसमें गेमिंग एप पबजी भी शामिल है। चीन की सबसे मूल्‍यवान इंटरनेट कंपनी टेनसेंट इसकी मालिक है। इसके अलावा फोननिर्माता शाओमी की जिली, अलीबाबा की अलीएक्‍सप्रेस के साथ ही ट‍िकटॉक की मालिकाना कंपनी बाइटडांस की रेसो और यूलाइक जैसे एप इस लिस्‍ट में शामिल हैं।

एक सूत्र ने बताया कि सरकार इन सभी एप को या कुद को या किसी को भी नहीं प्रतिबंधित कर सकती है। गृह मंत्रालय के प्रव‍क्‍ता ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चीनी एप्‍स और उनके वित्‍त पोषण की जांच की जा रही है। इनमें से कुद एप्‍स को सुरक्षा के लिहाज से जोखिम की श्रेणी में रखा गया है, जबकि अन्‍य को डाटा शेयरिंग और प्राइवेसी नियमों के उल्‍लंघन की जांच के लिए लिस्‍ट में रखा गया है।

उद्योग अनुमान के मुताबिक चीनी इंटरनेट कंपनियों के भारत में लगभग 30 करोड़ यूनिक यूजर्स हैं, इसका मतलब है कि देश में दो तिहाई स्‍मार्टफोन यूजर्स ने एक चीनी एप को जरूर डाउनलोड किया है। जांच के लिए तैयार की गई 275 चीनी एप्‍स की लिस्‍ट में 14 एप्‍स शाओमी की है। इसके अलावा कैपकट, फेसयू, Meitu, एलबीई टेक, परफेक्‍ट कॉर्प, सीना कॉर्प, नेटीज गेम्‍स, यूजू ग्‍लोबल श‍ामिल हैं। 

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