Sunday, February 01, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. टेक
  3. न्यूज़
  4. Airtel और Tejas नेटवर्क के बीच बढ़ी टेंशन, सर्वर में दिक्कत की वजह से करोड़ों यूजर्स हुए परेशान

Airtel और Tejas नेटवर्क के बीच बढ़ी टेंशन, सर्वर में दिक्कत की वजह से करोड़ों यूजर्स हुए परेशान

Airtel और टाटा ग्रुप की तेजस नेटवर्क के बीच टेंशन बढ़ गई है। बीएसएनएल के 4जी साइट्स लगाने वाली कंपनी ने एयरटेल के नेटवर्क ओवरलैप वाले आरोप का जबाब देते हुए पत्र लिखा है। साथ ही, देश की दूसरी बड़ी टेलीकॉम कंपनी को ही जिम्मेदार ठहराया है।

Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
Published : Nov 25, 2025 05:44 pm IST, Updated : Nov 25, 2025 05:44 pm IST
airtel, tejas network, bsnl 4g- India TV Hindi
Image Source : AIRTEL, TEJAS NETWORK एयरटेल और तेजस नेटवर्क के बीच टेंशन

देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल और सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल का 4जी नेटवर्क लगाने वाली कंपनी तेजस नेटवर्क के बीच टेंशन बढ़ गई है। तेजस नेटवर्क ने एयरटेल द्वारा राजस्थान टेलीकॉम सर्किल में नेटवर्क कंजेशन को लेकर लगाए आरोप को खारीज कर दिया है। साथ ही, इसके लिए एयरटेल को ही जिम्मेदार ठहराया है। नेटवर्क कंजेशन की वजह से टेलीकॉम सर्किल के करोड़ों एयरटेल यूजर्स को परेशानी का समस्या करना पड़ रहा है।

क्या है मामला?

दरअसल, एयरटेल ने टाटा ग्रुप की कंपनी तेजस नेटवर्क पर आरोप लगाया था कि राजस्थान टेलीकॉम सर्किल में उनके द्वारा डिप्लॉय किए जा रहे बीएसएनएल 4जी टावर में सब-स्टैंडर्ड इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से एयरटेल के 900 MHz वाले नेटवर्क की सर्विस बाधित होती है। एयरेटल ने इसे लेकर पिछले दिनों 14 नवंबर को तेजस नेटवर्क को एक पत्र लिखा था, जिसमें पिछले दिसंबर से उसकी सर्विस क्वालिटी में दिक्कत की वजह बताई गई।

एयरटेल ने अपने पत्र में तेजस नेटवर्क को कहा था कि इसके लिए बार-बार ज्वाइंट टेस्ट, डायरेक्टिव्स, तकनीकी सबमिशन, बातचीत हुई, लेकिन अभी तक कुछ भी सुधार नहीं हुआ है। एयरटेल के मुताबिक, BSNL 4G सर्विस के लिए तेजस नेटवर्क द्वारा यूज किए गए रेडियो इक्विपमेंट्स और फिल्टर के डिजाइन में खामी है। तेजस नेटवर्क का फिल्टर 800 MHz बैंड को फिल्टर करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो 864 से लेकर 894 MHz तक के बैंड को फिल्टर कर सकता है। प्राइवेट ऑपरेटर्स द्वारा 900 MHz बैंड इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी वजह से ये दिक्कत आ रही है।

तेजस ने एयरटेल को बताया जिम्मेदार

तेजस नेटवर्क ने एयरटेल के पत्र का जबाब देते हुए कहा कि BSNL का Airtel में हस्तक्षेप तेजस के रेडियो के आउट-ऑफ-बैंड इमिशन को पूरा न करने की वजह से नहीं, बल्कि मुख्य रूप से एयरटेल के कारण ही उत्पन्न हुआ है। एयरटेल के साइट्स बीएसएनएल की साइट्स के काफी करीब में डिप्लॉय किए गए हैं, जिसकी वजह से ऐसा हो रहा है।

तेजस नेटवर्क ने अपने पत्र में एयरटेल को जबाब देते हुए कहा है कि कंपनी के सभी रेडियो पूरी कम्प्लायेंस के साथ डिप्लॉय किए गए हैं, जो उत्सर्जन के नॉर्म्स को अच्छी मार्जिन के साथ पूरा करते हैं। इसके लिए एयरटेल को बीएसएनल के साथ मिलकर एंटिना फिल्टर्स लगाने के लिए काम करना होगा। पूरे राजस्थान में ऐसे कुल 1,000 साइट्स हैं, जहां ये समस्या है। BSNL ने हाल ही में पूरे देश में करीब 1 लाख 4G साइट्स लाइव किए हैं। इनमें से 18,500 साइट्स ऐसे हैं, जिन्हें जल्द 5G में अपग्रेड किया जाएगा।

यह भी पढ़ें -

Google का नया Nano Banana Pro मॉडल बना खतरा! बना रहा नकली आधार और पैन कार्ड

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Tech News से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें टेक

Advertisement
Advertisement
Advertisement